बागेश्वर। आपदा की मार से जिले में एक और मकान ढह गया जबकि चार आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से दो मकानों को ज्यादा जबकि दो को हल्का नुकसान हुआ है। दूसरी ओर आपदा के चलते जिले की तीन सड़कें पूरी तरह बंद रही। जबकि तीन सड़कों पर मलबा आने से घंटों यातायात बाधित रहा।
बुधवार को जिला आपदा कंट्रोल रूप में आवासीय भवनों को नुकसान की पांच घटनाएं दर्ज हुई। आपदा विभाग के मुताबिक मंगलवार बारिश से बागेश्वर तहसील के ग्वाड़ भिलकोट गांव में भाष्करानंद का आवासीय भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इधर, काफलीगैर तहसील के छौना गांव में नंदन राम का भवन क्षतिग्रस्त हो गया।
उधर, गरुड़ तहसील के भतड़िया गांव में हीरा राम के मकान को हल्का नुकसान हुआ जबकि अकुड़ाई गांव में गंगा देवी के मकान को भी हल्का नुकसान पहुंचा। कोटतुलारी गांव में पिरुली देवी का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पहले हुई बारिश से भी मकान को बड़ा नुकसान हुआ था। वहीं, प्रशासन ने मकान क्षतिग्रस्त होने पर छह प्रभावितों को राहत राशि बांटी।
दूसरी ओर आपदा की मार के चलते जिले में तीन मोटर मार्ग बंद रहे। कपकोट-पिंडारी मोटर मार्ग दो माह से अधिक समय से बंद है जबकि भयू-गडेरा मार्ग चौथे दिन और हरसिला-पुड़कुनी मोटर मार्ग तीसरे दिन भी पूरी तरह बंद रहा। यातायात ठप रहने से 10 हजार की आबादी पर असर पड़ा। इसके अलावा चौफला-मटे, सिमकुना-बाजर, बागेश्वर-दफौट मोटर मार्ग मलबा आने से घंटों बाधित रहे। मार्ग पर कई वाहनों में यात्री फंसे रहे। कार्यदायी संस्था ने जेसीबी से मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की।
ग्वाड़ में भारी बारिश से पेयजल लाइन बही
बागेश्वर। भारी बारिश के चलते ग्राम पंचायत ग्वाड़ की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। बारिश के पानी के साथ आया मलबा जग-जगह से पेयजल लाइनों को बहाकर ले गया। मलबा आने से पेयजल टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गांव की 200 की आबादी के सामने पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त योजना की मरम्मत करवाने की मांग की है। इस दौरान ग्राम प्रधान कुंदन सिंह, किशन सिंह, नंदी देवी, तुलसी देवी, दीवान राम, देवराम, लछम राम आदि थे।