कपकोट (बागेश्वर)। इंजन में खराबी आने से कपकोट में 108 चिकित्सा वाहन के पहिए थम गए हैं। इससे आपातकाल में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज प्राइवेट वाहनों से अस्पताल पहुंचने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य सुविधा से महरूम कपकोट तहसील क्षेत्र की गरीब जनता को राहत देने वाली 108 एंबुलेंस खुद ही बीमार हो गई। इंजन खराब होने से वाहन एक पखवाड़े से ब्लॉक कार्यालय के परिसर में खड़ा है। इससे आपातकाल में दूर दराज गांवों से गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना के घायलों को प्राइवेट वाहनों से अस्पताल लाना पड़ रहा है। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 108 वाहन को सुधारने के लिए स्थानीय स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है। इसका खामियाजा गरीब और स्वास्थ्य सुविधाओं में पिछड़ी जनता को भुगतना पड़ रहा है। वाहन के इंजन में खराबी आने के इतने दिनों बाद भी सुधार नहीं किए जाने पर लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी उदासीनता का आरोप लगाया है। क्षेत्रवासियों ने 108 एंबुलेंस का शीघ्र सुधार करने की मांग की है।
खुशियों की सवारी से चल रहा है काम
108 वाहन खराब होने से गंभीर स्थितियों में मरीजों को लाने के लिए खुशियों की सवारी का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि खुशियों की सवारी का इस्तेमाल मरीजों को लाने के लिए करने पर प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को प्राइवेट वाहनों से घर जाना पड़ रहा है। पीपीपी मोड पर संचालित हो रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश रावत के अनुसार खुशियों की सवारी का उपयोग विषम परिस्थितियों में लोकल में ही मरीजों को लाने के लिए किया जा रहा है।
कपकोट में सेवाएं दे रही 108 एंबुलेंस के इंजन में खराबी आई है। हल्द्वानी से मैकेनिक भेजे जा रहे हैं। जल्द से जल्द गड़बड़ी को दूर कर एंबुलेंस से सेवा सुचारु की जाएगी। - हिम्मत चंद, जिला कार्डिनेटर, 108 सेेवा।