कांडा (बागेश्वर)। ग्राम पंचोडा और सौखोला में योग चिकित्सा और ध्यान शिविर के द्वितीय सत्र में योग शिविर की शुरुआत वैदिक मंत्रों के साथ हुई। योगाचार्यों ने साधकों को कर्मेंद्रियों और ज्ञानेंद्रियों के साथ ही सात्विक कर्मों और कर्मफल के सिद्धांत की जानकारी दी गई।
साधकों को कई अभ्यास कराए गए। ग्रामीण योग साधकों में से जिन योग साधकों को योग करने से किसी बीमारी में लाभ हुआ उसका सभी के सामने अनुभव सुनाया गया और उसे सम्मानित भी किया गया।
इसके अलावा प्राणायाम का अभ्यास कराया गया और सूक्ष्म व्यायाम सिखाए गए। योग साधकों को जड़ी-बूटी एवं घरेलू उपचार के बारे में बताया गया। स्वदेशी एवं विदेशी वस्तुओं के बारे में तुलनात्मक जानकारी देते हुए पतंजलि के स्वदेशी दर्शन की उपयोगिता समझाई गई। सात्विक भोजन, ऋतुचर्या और आदर्श दिनचर्या के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।
योग शिक्षक केवलानंद एवं योग शिक्षिका नीमा ने सौखोला गांव में जबकि चंचला, तहसील महिला प्रभारी बहिन नीलम, तहसील युवा प्रभारी हरीश ने ग्राम पंचोडा में प्रशिक्षण दिया।