बागेश्वर। जिले के दृष्टि बाधित दिव्यांगों की मदद के लिए हंस और नैब ने हाथ बढ़ाए हैं। ये संस्थाएं दिव्यांगों के चिन्हीकरण के लिए सर्वे करेंगी। इसके बाद कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
शुक्रवार को इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक में चिन्हीकरण और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान दृष्टि दिव्यांगों की समस्या और अभिभावकों में जागरूकता को लेकर भी चर्चा हुई। यह तथ्य सामने आया कि अभिभावकों में जागरूकता के अभाव में दिव्यांग समाज की मुख्यधारा से कटे रहते हैं। फैसला हुआ कि दिव्यांगों के कल्याण के लिए संस्थाएं मिलजुलकर प्रयास करेंगी। इसके तहत जिले में दिव्यांगों का सर्वे किया जाएगा। इसके बाद दिव्यांगों को कल्याणकारी कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। संस्थाएं दिव्यांगों के इलाज, आवास, भोजन और शिक्षा की व्यवस्था करेगी। इस दौरान हंस फाउंडेशन की प्रभारी भागीरथी फर्त्याल, नैब महासचिव श्याम धानक, चंपा कोरंगा, रेखा कोरंगा, राम सिंह, हयात सिंह, गोविंद सिंह आदि थे।
जिले में बनेगा दिव्यांग समाज केंद्र
बागेश्वर। जिले में दिव्यांग समाज गृह बनाया जाएगा। नैब महासचिव श्याम धानक ने यह भरोसा दिया है। जिले के दौरे के बीच धानक ने डीएम रंजना राजगुरु से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी और जिले में दिव्यांगों के कल्याण की दिशा में काम करने की इच्छा जताई। धानक ने डीएम से दिव्यांगों की स्थिति और कल्याणकारी कार्यक्रमों के संचालन के संबंध में चर्चा भी की।