कपकोट (बागेश्वर)। फरवरी से वेतन की मांग को लेकर पूर्ण कार्य बहिष्कार पर उतरे पीपीपी मोड संचालित सीएचसी के डॉक्टरों, कर्मियों का धरना, प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए वैकल्पिक इंतजाम से भी लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोगियों के एक्सरे, जांच नहीं हो पा रही है। प्रसव कराने के लिए महिला डॉक्टर भी नहीं है। हड़ताली कर्मियों ने वेतन मिले बिना काम पर न लौटने का अपना संकल्प दोहराया।
आंदोलनस्थल सीएचसी परिसर में हुई सभा में पीपीडी मोडकर्मियों ने कहा कि 13 मई को अस्पताल से शील नर्सिंग होम बरेली का पीपीपी मोड का अनुबंध समाप्त हो रहा है, लेकिन प्रबंधन ने उन्हें फरवरी से वेतन नहीं दिया है। रोजगार देने की बात करने वाली सरकार अस्पताल का अनुबंध समाप्त कर उनका रोजगार छीनने पर आमादा है। उन्होंने शासन, स्वास्थ्य विभाग से उन्हें शीघ्र वेतन दिलाने, पीपीडी मोड हटने की दशा में कर्मियों की तैनाती इसी अस्पताल में देने की मांग की। धरना, प्रदर्शन में डॉक्टरों समेत हरीश भट्ट, प्रवीण ऐठानी, हरिओम उपाध्याय, लता आर्या, ज्योति पांडे, नीरज पांडे, विनीता बिष्ट, ललित गोस्वामी, योगेश्वरी पांडे, मंदीप कुमार, राधा, सुरेश धानिक, हिमानी देव, उषा तड़ागी, लता आर्या, सविता पांडे, ललिता आदि थे।
पीपीपी मोडकर्मियों के पूर्ण कार्य बहिष्कार से व्यवस्था चरमराई
कर्मियों ने वेतन मिले बगैर काम पर न लौटने का संकल्प दोहराया
वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी
कपकोट (बागेश्वर)। सीएमओ डॉ. जेसी मंडल ने सोमवार को अस्पताल का दौरा कर विभाग की ओर से चार डॉक्टर, एक जीएनएम, एक पर्यावरण मित्र, वार्ड आया तैनात की थी लेकिन अस्पताल में एक्सरे मशीन चलाने, प्रसव कराने के लिए महिला डॉक्टर, दवा बांटने, रोगियों को इंजेक्शन लगाने, उनकी जांच के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। अस्पताल में वैकल्पिक इंतजाम न होने से रोगियों को निराश होना पड़ा है। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से हड़तालीकर्मियों को तुरंत वेतन दिलाने, अस्पताल से पीपीपी मोड हटाने से पहले दोबारा उनकी तैनाती पर विचार करने को कहा है। इनमें ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, चौड़ास्थल को अलग ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विक्रम दानू, राज्य आंदोलनकारी कल्याण संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष विशन गढ़िया आदि हैं।