बागेश्वर। जिले के डोबा-गणियां क्षेत्र में सुअरों का आतंक बना हुआ है। झुंड में आ रहे सुअरों ने गेहूं और मसूर के खेत खोद दिए हैं। इससे गरीब किसान परेशान हैं। गांव गरीब महिला उत्थान मंच ने वन विभाग से क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
डोबा-गणियां क्षेत्र में पिछले लंबे समय से जंगली सुअर किसानों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। शाम होते ही झुंड में खेतों में पहुंच रहे सुअर फसलों के साथ ही सब्जियों को भी तहस-नहस कर रहे हैं। गांव गरीब महिला उत्थान मंच के संयोजक विशन सिंह टंगड़िया ने बताया कि सुअरों ने गेहूं और मसूर के खेत खोद दिए हैं। किसानों ने 34 रुपये किलो गेहूं और 99 रुपये किलो मसूर का बीज खरीदकर खेतों में बोया था। सुअरों ने खेतों को पूरी तरह से खोद दिया है। इससे गरीब किसानों की कमर टूट गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में सुअरों ने गडेरी, अदरक को भी भारी नुकसान पहुंचाया था। सुअरों के आतंक के कारण अब काश्तकार खेतीबाड़ी करने से कतरा रहे हैं। इससे खेती पर संकट पैदा हो गया है। कई बार वन विभाग से शिकायत करने के बावजूद सुअरों को मारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।