कपकोट (बागेश्वर)। बरसात में ग्राम पंचायत कपकोट की अपर नहर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से नहर की मरम्मत नहीं की गई है। गांव के आधे भाग में बोई रबी की फसल और शाकभाजी की सिंचाई ठप पड़ी है। नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग से नहर की हालत शीघ्र सुधार कर पानी चलाने की मांग की है। उन्होंने पानी जल्द न चलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बरसात में ग्राम पंचायत कपकोट की अपर नहर का पनेला कालीगौन के गधेरे में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गया था। इसी स्थल पर पैदल पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। दोनों का आज तक पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। नहर का पनेला नहीं बनने से कालीगौन गधेेरे से इस तरफ का पानी नहीं आ रहा है जिससे गांव की 700 हैक्टेयर से भी अधिक भूमि की सिंचाई प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने नहर को शीघ्र ठीक कर पानी चलाने की मांग कर दी है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
सिंचाई के लिए पानी नहीं होने से गेहूं, जौ और मसूर की फसल के साथ ही शाकभाजी सूखने के कगार पर हैं। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नहर में जल्द पानी न देने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, बीडीसी सदस्य तारा कपकोटी, पूर्व उप प्रधान महिमन कपकोटी, नारायण कपकोटी, दलीप कपकोटी, कमल, ललित, राजूू कपकोटी आदि शामिल हैं।