बागेश्वर। जिले के दो हजार परिवारों को पोर्टल ठप होने की वजह से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन नहीं मिल पा रहा है। राशन कार्ड ऑनलाइन नहीं होने से कार्डधारकों की आपूर्ति भी ठप हो गई है। परेशान कार्डधारक कई माह से गल्ला विक्रेता और पूर्ति कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
बागेश्वर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को ऑनलाइन करने का काम पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान में दो हजार से ज्यादा राशन कार्ड ऑनलाइन होने हैं। इस वर्ष मई से पोर्टल पर कार्ड ऑनलाइन, अपडेट करने का काम चला। इसके बाद आधार से लिंक करने के लिए पोर्टल को फ्रीज कर दिया गया। तब से पुराने राशन कार्डों को अपडेट करने से लेकर नए राशन कार्ड बनाने, स्थानांतरण, संशोधन के मामलों का काम ठप पड़ा है।
दूसरी ओर ऑनलाइन दर्ज हुए उपभोक्ताओं के मुताबिक ही कोटा निर्धारित किया जा रहा है। इससे अन्य कार्डधारक राशन से वंचित रह गए हैं। उन्हें बाजार से महंगे दामों पर गेंहू-चावल खरीदना पड़ रहा है। निर्धन तबके के उपभोक्ता बमुश्किल दो जूून खाद्यान्न का बंदोबस्त कर रहे हैं।
पोर्टल ठप होने से दो हजार की सब्सिडी भी अटकी
बागेश्वर। पोर्टल ठप होने से दो हजार राशन कार्ड उपभोक्ताओं की सब्सिडी भी अटक गई है। आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड आदि गलत जानकारियों के चलते उपभोक्ताओें के खाते में सब्सिडी नहीं आ रही है। ब्यूरो
पोर्टल खुल गया है लेकिन केंद्रीय सर्वर की धीमी गति के चलते काम नहीं हो पा रहा है। ऑनलाइन उपभोक्ताओं की यूनिट के आधार पर ही कोटा मिल रहा है। सर्वर के काम करने के बाद ही वंचित उपभोक्ताओं को राशन, सब्सिडी मिल पाएगी।
- एके वर्मा, डीएसओ, बागेश्वर