बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने चरस तस्करी के दोषी को 11 साल के कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कपकोट थाने की एसओ वंदना चौहान एसओजी टीम के साथ के साथ पिछले साल आठ अक्तूबर की रात सवा 11 बजे थाना फरसाली तिराहे के यात्री विश्राम गृह झोपड़ा में वाहन चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान शामा की ओर से एक व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया। वह पुलिस को देखकर लौटने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 1.808 किलो चरस मिली। पुलिस ने आरोपी ग्राम लीती निवासी सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत उसका चालान किया गया। आरोप पत्र दायर होने पर न्यायालय में दोनों पक्षों को सुना गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंचल सिंह पपोपा ने मामले की पैरवी कर नौ गवाह पेश करवाए। विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर से भी बरामद माल के चरस होने की पुष्टि हुई। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने दोषी को उक्त सजा सुनाई।
पॉक्सो एक्ट के दोषी को पांच वर्ष का कारावास
बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने पॉक्सो एक्ट के दोषी को पांच वर्ष के कारावास एवं दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अल्मोड़ा जिले के दुगालखोला क्षेत्र का मूलवासी मनोज सिंह बोरा यहां शहर के एक मकान में किराये पर रहता था। इसी साल चार मई की तड़के चार बजे पीड़िता अपनी माता के साथ सोई थी। उसकी मां शौचालय में गई तो आरोपी ने 10 साल की बालिका के साथ अश्लील हरकत की। बालिका ने अपनी मां को घटना की सूचना दी तो मां ने मनोज के खिलाफ कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई। धारा 354क, 506 आईपीसी, 95/10 पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। एसआई सुरभि राणा ने मामले की विवेचना कर न्यायालय आरोप पत्र दायर किया। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो खड़क सिंह कार्की ने कुल छह गवाह पेश करवाए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने उक्त सजा सुनाई। ब्यूरो