सरकारी शिक्षा व्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए खोले गए आदर्श प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। जिले के छह आदर्श प्राथमिक विद्यालयों में सात जबकि आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के चार पद रिक्त हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था चरमरा रही है।
जिले में छह आदर्श प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें आदर्श प्राथमिक विद्यालय बागेश्वर प्रथम और आदर्श प्राथमिक विद्यालय पिंगलो में सभी पद भर दिए गए हैं। वहीं 60 छात्र संख्या वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय बहूली में दो पद, 117 छात्र संख्या वाले आदर्श प्रावि नौघर में एक पद, 231 छात्र संख्या वाले आदर्श प्रावि कपकोट में प्रधानाध्यापक का पद खाली है। आदर्श प्रावि शामापन्याली में 80 छात्र हैं, जबकि प्रधानाध्यापक सहित तीन पद रिक्त चल रहे हैं।
तीन आदर्श राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में से दो विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों के चार पद रिक्त चल रहे हैं। आदर्श राजकीय उच्चतर प्रावि भतरौला में सभी पदों पर नियुक्ति हो चुकी है। इसी तरह आदर्श राउप्रावि उड़खुली में 77 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। स्वीकृत चार पदों में से एक प्रधानाध्यापक और एक शिक्षक का पद रिक्त चल रहा है। आदर्श राउप्रावि सिमगढ़ी में 73 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। इस विद्यालय में भी प्रधानाध्यापक और एक शिक्षक का पद रिक्त है।
आदर्श विद्यालयों में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाती है। हाल ही में कई रिक्त पदों को भरा गया है। जिन विद्यालयों में पद रिक्त चल रहे हैं उन्हें शीघ्र भरा जाएगा।
- आकाश सारस्वत, डीईओ बेसिक।