बागेश्वर। गर्मी शुरू होते ही विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। कुछ लोग पेयजल लाइनों के पानी से सिंचाई कर रहे हैं तो कुछ लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भी तरस रहे हैं। पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए जल संस्थान सभी मोहल्लों में जाकर निरीक्षण करेगा। यदि कोई भी व्यक्ति सिंचाई करता मिला तो उसके खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा।
बागेश्वर नगर में पेयजल की वितरण व्यवस्था काफी पुरानी है। मंडलसेरा, जीतनगर, कठायतबाड़ा में हाल के वर्षों में आबादी में काफी इजाफा हुआ है। आबादी के हिसाब से पेयजल लाइनें नहीं बिछने से वर्ष भर इन इलाकों में पेयजल संकट बना रहता है।
कुछ घरों में नियमित पानी आता है जबकि कुछ क्षेत्रों में आधा घंटा ही आपूर्ति होती है। कई लोग गर्मियों में मोटर लगाकर खेतों की सिंचाई कर देते हैं। इससे जल संकट और अधिक बढ़ जाता है। कई लोग नदी या दूर दराज स्थित नौले-धारों से पानी लाने को मजबूर होते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए जल संस्थान सभी मोहल्लों में जाकर निरीक्षण करेगा। कोई भी यदि सिंचाई करता मिला तो मोटर और पाइप जब्त करने के साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बकाया वसूली का काम तेज
बागेश्वर। जल संस्थान को अभी लाखों का बकाया वसूलना है। विभाग को सरकारी और निजी उपभोक्ताओं से लगभग 60 लाख रुपये वसूलने हैं। कई बार आग्रह करने के बाद भी बकाया जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं से विभाग घर-घर जाकर वसूली कर रहा है। जल संस्थान के सहायक अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि जो उपभोक्ता शीघ्र बकाया जमा नहीं करेंगे उनके संयोजन काटे जाएंगे।