बागेश्वर। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से वायरल एक वीडियो ने कई लोगों की नींद उड़ा दी है। वीडियो में आटे में प्लास्टिक मिले होने की बात कही जा रही है। वीडियो को सच मान कई लोग अपने आटे में मिलावट की पहचान करने के लिए वैसा ही करके देख रहे है। आटे में होने वाले प्रोटीन को प्लास्टिक समझकर लोग बेचैन है। जिला पंचायत के डाक बंगले में रहने वाले कुछ संविदा कर्मचारी मंगलवार रात बिना रोटी खाए भूखे सो गए।
सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक कंपनी के आटे में मिलावट की बात कहते हुए गूंथे हुए आटे की लोई को पानी से धोया जाता है। वीडियो में कहा जा रहा है कि अगर आटे में मिलावट नहीं होती तो वह पूरी तरीके से घुल जाता मगर ऐसा नहीं हुआ। गेहूं के आटे की लोई को नल में धोने के बाद हाथ में रबर जैसी चीज बच रही है।
वीडियो में इसे प्लास्टिक बताया जा रहा है। वीडियो देखने के बाद कुछ महिलाओं ने अपने घरों में जब यह प्रयोग किया तो उनके साथ भी यही हुआ। मंगलवार की रात जिला पंचायत के डाक बंगले में रहने वाले कुछ कर्मियों ने रोटियां बनाई। रात को जब उन्होंने एक आटे की लोई को धोया तो उसमें भी आटा घुलने के बाद चिपचिपी चीज शेष बच गई। लोग इसे प्लास्टिक समझकर बिना रोटी खाए भूखे ही सो गए। बुधवार को जिला पंचायत में यह विषय दिन भर चर्चा बना रहा। कई लोग आटे में प्लास्टिक मिले होने की चर्चा करते नजर आए।
खिंचने वाली चीज प्लास्टिक नहीं ग्लूटिन प्रोटीन है
बागेश्वर। खाद्य विभाग ने आटे में प्लास्टिक मिलने की बात को पूरी तरह से गलत करार दिया है। जिला खाद्य अभिहित अधिकारी अशोक कुमार फुलोरिया के अनुसार आटा धोकर बचने वाली चीज गेहूं में पाया जाने वाला ग्लूटिन प्रोटीन है। पानी से धोने पर आटा व चोकर तो बह जाता है जबकि प्रोटीन बच जाता है। आशंका होने पर घर में गेहूं पीसकर भी लोग अपना भ्रम मिटा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल होने वाला वीडियो पूरी तरह से झूठा है।