उत्तराखंड के अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में मनमानी पर रोक लगेगी। शासन की ओर से इसके लिए चयन आयोग के गठन की तैयारी की जा रही है। इसे मंजूरी मिली तो स्कूल प्रबंधक अपने स्तर से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाएंगे।
अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े के मामले सामने आते रहे हैं। हाल ही में पौड़ी में 86 प्रवक्ताओं की नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर कई शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं दून में भी नियुक्ति को लेकर कई विवाद चल रहे हैं। इस सबसे निपटने के लिए विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश की तर्ज पर चयन आयोग के गठन की तैयारी है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति में बढ़ते फर्जीवाड़े को देखते हुए यह सब किया जा रहा है। विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो आयोग का गठन कर इसके माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
तो ऐसे होगी नियुक्ति
विभागीय सूत्रों के मुताबिक आयोग के माध्यम से प्राविधिक शिक्षा परिषद, लोक सेवा आयोग एवं अधीनस्थ चयन आयोग आदि के माध्यम से शिक्षकों को नियुक्ति दी जाएगी।
नियुक्ति में फंस सकता है पेच
प्रदेश में सौ से अधिक अशासकीय विद्यालयों में इन दिनों शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति मामले में पेच फंस सकता है।
अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए चयन आयोग के गठन को लेकर शासन को विभाग का प्रस्ताव मिला है, जिससे राज्यपाल के सलाहकार को प्रस्ताव से अवगत कराया जा चुका है, जल्द ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।
- रंजना, अपर सचिव शिक्षा