हाईकोर्ट ने गजरौला के गांव शकूराबाद में 12 साल पहले हुए शरीफ मर्डर केस की फाइल फिर से खोल दी है। सरकारी अपील को स्वीकार करते हुए आठ वर्ष पूर्व बरी किए गए सभी अभियुक्तों को 16 फरवरी को तलब किया है। आरोपियों के वारंट भी जारी कर दिए हैं।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव शकूराबाद निवासी शरीफ की भाई साबिर पुत्र नसीबा से खेत के लिए रास्ता न देने पर रंजिश चली आ रही थी। 16 नवंबर 2004 को शरीफ अपने बेटों के साथ खेत में गन्ने छील रहा था। आरोप था कि, तभी साबिर अपने बेटों के साथ वहां आ धमका और गन्ने की पूलियां उठाकर अपने खेत में डालने लगा।
विरोध करने पर साबिर और उसके पुत्रों ने शरीफ और उसके बेटों को लाठी डंडों और तबल मारकर घायल कर दिया था। बाद में साबिर के पुत्र शमशाद ने लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर शरीफ की हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र शमीम अहमद ने चाचा साबिर और उसके पुत्र शमशाद, खुशी, अहसान व इरफान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
31 अगस्त 2007 में अदालत ने शमशाद को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई और बाकी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया था। इस केस की अपील हाईकोर्ट में की गई थी। आठ साल बाद हाईकोर्ट ने सरकारी अपील को स्वीकार कर लिया और पांचों अभियुक्तों के वारंट जारी कर उन्हें 19 फरवरी को तलब किया है।