जिले में पात्र गृहस्थी सत्यापन प्रपत्र नहीं मिल रहा है। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनाई जा रही सूची में शामिल होने से वंचित लोग भटक रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीणों को हो रही है। फार्म के लिए आने वाले ग्रामीण मायूस लौट रहे हैं।
जनपद में 3.81 लाख उपभोक्ताओं का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयन किया गया है, जबकि तमाम दावेदार अभी इसमें शामिल होने से छूटे हुए हैं। राशन डीलर, पूर्ति विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
अब इसमें शामिल होने के लिए वंचित पूर्ति विभाग कार्यालय का चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। उपभोक्ताओं को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से संबंधित सूची में चयनित होने के लिए पात्र गृहस्थी प्रपत्र भरकर देना है, मगर फार्म न होने से उपभोक्ताओं को मायूस लौटना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों को होती है।
एक दिन के लिए प्रपत्र खत्म हो गए थे। उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए दूसरे दिन मंगा लिए गए हैं। उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत सामने नहीं आने दी जाएगी। - राघवेंद्र कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी