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सीएमओ दफ्तर में खुलेआम चला रिश्वत का खेल

Thu, 24 Sep 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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एक तरफ कमिश्नर का मुआयना और दूसरी तरफ सीएमओ दफ्तर में गणित विज्ञान के प्रशिक्षुओं से खुलेआम रिश्वत का खेल चला। बंद कमरे में रुपयों की चमक के आगे जरूरी औपचारिकता को ताख पर रखकर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। खूब सौदेबाजी हुई और अभ्यर्थियों से आठ सौ से लेकर दो हजार रुपये तक की वसूली की गई।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से गणित, विज्ञान के करीब 340 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। मंगलवार शाम तीन बजे से नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू की गई। इधर, नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही प्रशिक्षुओं में संबंधित स्कूलों में ज्वाइनिंग लेने की होड़ सी मच गई।

इसके लिए उन्हें सीएमओ के फिटनेस प्रमाण पत्र की जरूरत थी। इसके लिए शाम चार बजे से प्रशिक्षुओं की सीएमओ दफ्तर में लाइन लगनी शुरू हो गई। संबंधित एसीएमओ और कई बाबू देर रात तक दफ्तर में डटे रहे और बुधवार की सुबह से लेकर देर शाम तक फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने का सिलसिला चलता रहा। इस बीच न तो प्रशिक्षुओं के आंखों की जांच की जरूरत पड़ी और न ही बैंक में 16 रुपये चालान फीस जमा करने की जहमत उठानी पड़ी।
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एसीएमओ ने नोटों की चमक के आगे एक सिरे से सभी को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिए और ये सब यूं ही नहीं हुआ। इसके एवज में प्रशिक्षुओं से आठ सौ से लेकर दो हजार रुपये तक की वसूली की गई। प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एसीएमओ ने बाबुओं के अलावा संविदा स्टाफ को भी काम पर लगा रखा था।


ये है औपचारिकता
-सबसे पहले सीएमओ दफ्तर से चालान फार्म प्राप्त किया जाता है। इसके बाद नेत्र विशेषज्ञ आंखों की जांच कर सरकारी अस्पताल के पर्चे पर अपनी रिपोर्ट लगाता है, फिर 16 रुपये प्रमाण पत्र की फीस चालान से बैंक में जमा होती है। इसके बाद ही सीएमओ दफ्तर से फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होता है और यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद अगले दिन फिटनेस प्रमाण पत्र हाथ में आता है, लेकिन यहां हाथों हाथ फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।


लग्जरी गाड़ियों से पहुंचे सीएमओ दफ्तर
करीब पचास फीसदी प्रशिक्षु फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए लग्जरी गाड़ियों से सीएमओ दफ्तर पहुंचे और बिना परेशानी के प्रमाण पत्र पाने की एवज में एक-दो हजार रुपये डाक्टर को देना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी। बहुत से गरीब प्रशिक्षु एसीएमओ के सामने गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनसे भी पांच सौ रुपये तक वसूल लिए गए।

डेढ़ दिन में करीब तीन लाख रुपये कमाकर उठे
बीएसए दफ्तर से करीब 340 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र जारी किए गए। बीएसए दफ्तर में भी नियुक्ति पत्र जारी करने की आड़ में जमकर अवैध वसूली की गई। सीएमओ दफ्तर में डेढ़ दिन में करीब तीन लाख रुपये स्टाफ कमा कर उठा।


-मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं मंडलायुक्त के साथ था। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
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-डा.एसके जैन सीएमओ

-एसीएमओ और उनके स्टाफ की ओर से अवैध वसूली की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -वेद प्रकाश जिलाधिकारी
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