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प्रधानाध्यापक-रसोइया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Thu, 07 Jan 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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जोया ब्लाक के लक्ष्मण वाली मढ़ैया स्थित प्राथमिक विद्यालय अमरोहा देहात के प्रधानाध्यापक को सस्पेंड करने और रसोइया की सेवा समाप्ति के बाद दोनों के खिलाफ कक्षा दो के बच्चों को बेरहमी से पीटने के मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है। वहीं बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जल्द नोटिस जारी करने की बात कही है।
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शहर से सटे जोया ब्लाक के गांव  लक्ष्मणवाली मढै़या में अमरोहा देहात के नाम से प्राथमिक विद्यालय है। सोमवार को प्रधानाध्यापक भोजराज और रसोइया सरोज ने साढ़े चार हजार रुपये चोरी होने के आरोप में कक्षा दो की छात्रा उर्मिला और छात्र नितिन को कुर्सी से बांधकर केबल के तार से बुरी तरह पीटा था।

शाम चार बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चों ने घटना की जानकारी दी तो दोनों के परिजन स्कूल पहुंचे और बच्चों को बंधनमुक्त कराया।

प्रधानाध्यापक की सूचना पर स्कूल पहुंचे देहात थाने के सिपाहियों ने भी बच्चों को प्रताड़ित किया था और पुलिसवालों के डर ने अभिभावकों को थाने तक नहीं जाने दिया।
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मंगलवार को जिलाधिकारी वेदप्रकाश के आदेश पर बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रकरण की जांच की तो तथ्य सही निकले।

इस पर बीएसए गिरवर सिंह ने प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड और रसोइया की सेवा समाप्त कर दी थी। अब इस प्रकरण में प्रधानाध्यापक भोजराज और रसोइया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एसओ देहात देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि शिक्षक और रसोइया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

सिपाहियों को बचा रहे पुलिस अफसर
अमरोहा।  कक्षा दो के बच्चों की पिटाई के बाद प्रधानाध्यापक और रसोइया के खिलाफ विभाग स्तर से कार्रवाई हो चुकी है और रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई है, लेकिन पुलिस के अफसरों ने अपनों को बचा लिया।

बता दें कि प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पिटाई की सूचना के बाद अभिभावक और  ग्रामीण जब स्कूल पहुंचे, तो प्रधानाध्यापक भोजराज ने साढ़े चार हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाते पुलिस बुला ली थी जो सिपाही स्कूल पहुंचे थे उन्होंने भी  बच्चों को प्रताड़ित किया था, लेकिन अभिभावकों और ग्रामीणों को डांट  फटकारकर भगाने का प्रयास किया था।

दहशत में स्कूल नहीं गए उर्मिला-नितिन
अमरोहा। स्कूल में रुपये चोरी के आरोप में बेहरमी के साथ पीटे गए कक्षा दो की उर्मिला और नितिन बुधवार को भी दहशत में रहे। परिजनों ने स्कूल भेजने की कोशिश भी की, लेकिन दोनों बच्चों ने स्कूल जाने से मना कर दिया।

उर्मिला के पिता राजकुमार ने बताया कि बच्ची अभी डरी हुई है। उसे स्कूल भेजने के लिए समझाया जा रहा है। जल्द ही वह स्कूल जाना शुरू कर देगी। नितिन के पिता मुनेश ने बताया कि पिटाई का डर अभी नितिन के जहन से नहीं निकला है। उसे समझाकर स्कूल भेजा जाएगा।

परिजनों पर पड़ रहा फैसले का दबाव
अमरोहा। बच्चों की पिटाई प्रकरण में प्रधानाध्यापक और रसोइया पर हुई कार्रवाई के बाद बच्चों के अभिभावकों पर फैसले का चौतरफा दबाव पड़ने लगा है।

चूंकि प्रधानाध्यापक भोजराज जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी के गांव पपसरा रजबपुर के हैं। इस कारण पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल सिंह ने गांव के प्रधान से फैसले की बाबत कहा है।

हालांकि ग्रामीणों ने फैसला करने से इंकार कर दिया है। बताते हैं कि बुधवार को प्रधानाध्यापक गांव पहुंचा और अभिभावकों से माफी भी मांगी।

बाल संरक्षण समिति लेगी प्रकरण का संज्ञान
अमरोहा। बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष डा.एके सिंह ने बताया कि प्राथमिक स्कूल में कक्षा दो के बच्चों को कुर्सी से बांधकर पीटने का मामला संज्ञान में आया है।

समिति जल्द ही बीएसए और थारना पुलिस से कार्रवाई की बाबत संज्ञान लेगी। यदि अभिभावकों पर इस प्रकरण में फैसले का दबाव बनाया गया, तो उन लोगों के खिलाफ भी बाल संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

बोला प्रधानाध्यापक गांव की पार्टीबंदी ने फंसाया
अमरोहा। बच्चों को पीटने के मामले में सस्पेंड हुए प्रधानाध्यापक भोजराज ने बताया कि वह गांव की पार्टीबंदी का शिकार हुए हैं। वह 58 वर्ष के हैं और इस स्कूल में वर्ष 2003 से तैनात हैं।

रसोइया के जेठ ने रसोइया सरोज को भड़काकर बच्चों को पिटवाया है। सरोज बच्चों को पीट रही थी। जब बच्चों की गलती पता चली, तो शिक्षक होने के नाते एक थप्पड़ बच्चों के मैंने भी मार दिया था।
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