लोक निर्माण विभाग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। तीन साल पहले रात में टेंडर घोटाले का मामला प्रकाश में आया था।
इसके बाद सोमवार रात नौ बजे हजारों रुपये कीमत के स्टाम्प पेपर पर लिखे गए अनुबंध पत्रों को जलाने का प्रकरण सामने आया है। आशंका जताई जा रही है किसी घपले वाले कागजात को फूंककर खत्म कराया गया है, जिसमें कुछ अफसरों का भी हाथ है।
बता दें जोया में हाईवे के निकट पीडब्ल्यूडी का नया कार्यालय बना है। सोमवार को रात करीब नौ बजे कुछ लोग जिसमें दो वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, कुछ कागजातों को खड़े होकर जलवा रहे थे।
इन कागजातों के अधजला होने पर पानी डालकर बहाया भी गया। कुछ देर बाद आसपास के लोग वहां पहुंचे तो उन्होंने अधजले हुए स्टाम्प पेपर देखे। इनपर अनुबंध पत्र लिखा हुआ था। स्टाम्प पेपर भी पांच पांच हजार रुपये तक के हैं।
जेई और एई के साथ अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर भी हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में जलाए जाने वाले कागजों के किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज से जुड़ा माना जा रहा है। चूंकि लोक निर्माण विभाग में अक्सर घपले की शिकायतें होती रहती हैं।
ठेकेदारों की कमीशनखोरी के भी मामले चर्चा में रहते हैं। टेंडर का मामला वर्ष 2013 में व्यापक चर्चा का विषय बना रहा था। टेंडर भी रात में बेचे गए थे जिसका अमर उजाला ने पर्दाफाश किया गया था।
इस मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। अब इस स्टाम्प पेपरों को रात के अंधेरे में जलाने के मामले में भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी संदेह के घेरे में आ गए हैं।