मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और दीन बचाओ दस्तूर बचाओ कांफ्रेंस के संयोजक कमाल फारूकी ने कहा कि 9 व 10 दिसंबर को अमरोहा में दीन व दस्तूर बचाओ कांफ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है।
इसमें देश भर के ईसाई, सिख, जैन, पारसी सभी अल्पसंख्यक धर्म गुरु जुटेंगे। उन्होंने बताया कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड गैर सियासी संगठन है जो मुस्लिम समाज की आस्था और उनके धार्मिक अधिकारों के संरक्षण की कोशिश करता है। उन्होंने दीन व दस्तूर बचाओ कांफ्रेंस को सफल बनाने का आह्वान किया।
मेस्को पब्लिक स्कूल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि नौ दिसंबर को मेस्को स्कूल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी।
इसमें बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसन नदवी, उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक, कार्यवाहक महासचिव मौलाना वली रहमानी और सात महिला सदस्यों समेत 51 सदस्य शामिल होंगे।
दोपहर को एक बजे महिला सम्मेलन किया जाएगा। अगले दिन दस दिसंबर को दीन व दस्तूर बचाओ कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम शरीअत के संविधान में किसी तरह का परिवर्तन को रोकना बोर्ड का उसूल है।
मुस्लिम या अन्य अल्पसंख्यक समाज के धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर शबी अहमद खां, तौसीफ हसन नकवी, शवाबुल हक चंदा, सुहैल खां, उवैस मुस्तफा रिजवी, नासिर फारूकी, निशात अहमद सिददीकी, मुफ्ती मुहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।