बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव लखमिया के तमाम ग्रामीण शुक्रवार को एसपी
दफ्तर पहुंचे और एएसपी से मिलकर बताया कि गांव का मुन्नू उर्फ महीपाल गिरी
21 अगस्त को शिवराम से जबरन वोट मांग रहा था। वोट देने से इंकार करने पर
अगले दिन मुन्नू ने अपने साथी सुभाष, राकेश व चंचल के साथ मिलकर गजरौला के
भानपुर रेलवे क्रासिंग पर शिवराम के बेटे एवं जुबिलेंट कर्मचारी टीकाराम पर
जानलेवा हमला कर दिया था।
आरोपियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई
गई थी। आरोप है कि 28 सितंबर को बछरायूं पुलिस ने टीकाराम को थाने बुलाकर
लाकअप में डाल दिया था। इधर, चारों आरोपी उनके आम के बाग में पहुंच गए और
शिवराम की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इससे पहले उन्होंने शिवराम को तमाम
यातनाएं भी दीं। ग्रामीण शिवराम की लाश को लेकर थाने आ गए और जमकर हंगामा
करने पर पुलिस ने टीकाराम को छोड़ दिया।
मामले में पुलिस ने आरोपियों के
खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली थी। लेकिन, एक महीने बाद भी उन्हें गिरफ्तार
नहीं किया। उन्होंने बछरायूं थाना पुलिस की संदिग्ध गतिविधियों की जांच
करने और हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। इस दौरान
ग्रामीणों ने बछरायूं पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया। रिंकू सिंह,
टीकाराम, राकेश सिंह, सतीश सागर, कृपाल सिंह, जगदीश, लाल सिंह, महीलाल,
जसवंत, कमलेश, कलावती, रमेश, इमरती, प्रेमवती, राजेश्वरी आदि शामिल थे।