नगर के धनौरा रोड स्थित भाटी पेट्रोल पंप के पीछे पालिका की 770 मीटर भूमि
है। पालिका ने उक्त भूमि पर गरीबों को आशियाना बनाने के लिए आसरा योजना को
14 जुलाई 2014 में प्रस्ताव कर दिया था। उक्त भूमि पर शिवस्वरुप भगतजी का
परिवार रह रहा है। दो दिसंबर को जब पालिका कर्मचारी उक्त भूमि को आसरा
योजना को सुपुर्द करने के लिए कब्जा हटवाने पहुंचे तो विवाद हो गया था।
पालिका के खिलाफ सभासद लामबंद हो गए थे। इस संदर्भ में तीन दिसंबर को बुलाई
गई पालिका बोर्ड की बैठक में जमकर हंगामा भी हुआ। सभासदों का आरोप है कि
बिना बोर्ड की बैठक के प्रस्ताव आसरा योजना को कैसे हो गया। इस पर चेयरमैन
हरपाल सिंह ने जांच बैठा दी। जांच पूरी होने तक प्रस्ताव निरस्त करने के
आदेश कर दिेए थे। इतना ही नहीं चार दिसंबर को तहसीलदार संजीव यादव ने भी
मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की थी। रविवार को उक्त भूमि पर निर्माण
शुरूहो गया। जिससे पीड़ित परिवार संग सभासद विरोध पर उतर आए।
चामुंडा मंदिर
पर बैठक कर निर्माण कार्य होने का विरोध किया। निर्माण कार्य न रुकने पर
आंदोलन का एलान किया। शिव स्वरूप भगतजी ने निर्माण कार्य नहीं रुकने पर
उक्त भूमि पर परिवार के साथ आत्मदाह करने का एलान कर दिया। इसी दौरान
चेयरमैन हरपाल सिंह मौके पर पहुंचे और प्रशासन से मोबाइल पर वार्ता कर
निर्माण कार्य बंद करा दिया। जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य बंद रहने का
आश्वासन दिया।
इस मौके पर पूर्व चेयरमैन अनिल, पूर्व मेंबर गुड्डू, कैलाश,
मुन्ना पंडा, विजय, प्रवीण, संजय कुमार, दिले भाई, डब्बू, अनिल कुमार सभासद
समेत जाफर मलिक, होरी सिंह, पिंटू और शिव स्वरूप भगतजी का परिवार मौजूद
रहा।