शरद पूर्णिमा पर मंगलवार को गंगा स्नान के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा घाट पर तिलभर जगह नहीं थी। पुण्य के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाई।
इस दौरान हर-हर गंगे के जयकारे से गंगा घाट गूंजता रहा। भोर की पहली किरण से शुरू हुआ गंगा स्नान का सिलसिला शाम तक चलता रहा। इस दौरान गंगा घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर बढ़े ट्रैफिक के दबाव से जाम लग गया।
करीब तीन घंटे तक हाईवे पर वाहन रेंग-रेंग कर ही चले। इससे राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को ब्रजघाट और तिगरी में एक लाख से अधिक लोगों ने स्नान कर पुण्य कमाया।
अधिकतर श्रद्धालु सोमवार शाम को ही ब्रजघाट पहुंच गए थे, मंगलवार सुबह भी घाट पर लोगों के आने का सिलसिला चलता रहा। कोई बस से तो कोई अपने निजी वाहन से गंगा स्नान करने के लिए पहुंच रहा था।
भीड़ की वजह से गंगा घाट पर दूर-दूर तक श्रद्घालु ही नजर आ रहे थे। इस दौरान गंगा घाट मां के जयकारों से गूंजता रहा। स्नान के बाद भक्तों ने गंगा घाट पर बैठकर दान पुण्य किया।
भीड़ की वजह से यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। इसकी वजह से गंगा पुल पर जाम लग गया। सुबह करीब छह बजे जाम लगने के बाद तीन घंटे तक लोग जाम से जूझते रहे।
करीब चार-पांच किलो मीटर लंबी वाहनों की लाइन लगी थी। कई घंटे तक पुल पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। इस जाम को खुलवाने के लिए पुलिस के भी पसीने छूट गए।