वासुदेव तीर्थस्थल पर शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
मान्यता है कि नवरात्र पूजन के बाद शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी अपने भक्तों को दर्शन देने तथा उनकी दरिद्रता दूर करने के लिए आती हैं। देवी लक्ष्मी के आह्वान के लिए भक्त घरों में दीपक जलाकर रोशनी करते हैं।
इसी चलते सोमवार को वासुदेव तीर्थ पर विधि-विधान से धन की देवी लक्ष्मी जी का पूजन किया गया। देवी को वस्त्र व श्रंगार का सामान अर्पित कर सुख-समृद्घि की कामना की गई। इसके बाद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वासुदेव प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिव स्वरूप टंडन, शोभा टंडन, अनिल स्वरूप टंडन, महेश चंद्र मालीवाल, विजय शंकर अग्रवाल, राहुल माहेश्वरी, सुभाष चंद्र माहेश्वरी, लीलाधर अरोड़ा आदि का सहयोग रहा।