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भाजपा-सपा में अंदरूनी समझौता, बसपा की चुप्पी

Thu, 24 Dec 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। कुर्सी और रुपयों के प्रभाव में एक दूसरे के धुर विरोधी दलों यानी भाजपा और सपा में भी अंदरूनी सहमति बन गई है।
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लालबत्ती हथियाने के लिए हर तरह की कोशिशें की जा रहीं हैं। जिला पंचायत सदस्यों की आवभगत शुरू हो चुकी है। जिन जिपं सदस्यों से वोट के लिए सेटिंग हो चुकी है उन्हें टूर पर रवाना कर दिया गया है, यह अब मतदान के दिन ही दिखाई देंगे।

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए सबसे बड़े दल के रूप में उभरी समाजवादी पार्टी के पास 12 सदस्य हैं। इन सदस्यों में सभी सदस्य सपा प्रत्याशी रेनू चौधरी को मिल जाएंगे, इस बात में संशय बन गया है।
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क्योंकि पांच मुस्लिम सदस्य ऐसे हैं जो कि पार्टी के टिकट बदलने के फैसले से खुश नहीं हैं। यदि इन सदस्यों को अलग माना जाए तो जीत कैसे हो? इसके लिए जोड़-तोड़ चल रही है।

इनके स्थान पर भाजपा के पांच सदस्यों से भी अंदरूनी समझौता किया गया है। भाजपा संगठन के पदाधिकारी इसे खुलकर बता रहे हैं कि भाजपा के जिपं सदस्य पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी का साथ देंगे।

इस तरह से सपा और भाजपा जैसे एक दूसरे के धुर विरोधी दलों में समझौता चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं बसपा के नौ सदस्य किस के पक्ष में मतदान करेंगे अभी स्पष्ट नहीं हैं।

बसपा यह भी तय नहीं कर सकी है कि अभी अपना प्रत्याशी उतारेगी या नहीं। दो निर्दलीय सदस्यों की गिनती सपा के साथ की जा रही है। लेकिन सूत्रों की मानें तो 10 से 15 लाख रुपये तक से शुरू हुई डीलिंग 25 लाख तक पहुंच गई है। इसमें कुछ सदस्य संतुष्ट हो गए हैं तो उन्हें टूर पर रवाना कर दिया गया है।

दिल मिलते नहीं, दल कैसे मिल गए
सपा और भाजपा में विरोध पुराना है, इनके नेताओं के दिल कहीं नहीं मिलते हैं, लेकिन अध्यक्ष के चुनाव में अमरोहा में दलों के बीच अंदरूनी समझौता चर्चा का विषय बना हुआ है।

इसकी वजह से सपा के कुछ मुस्लिम सदस्यों में नाराजगी भी बताई जा रही है। वहीं चर्चा यह भी है कि यदि सपा का टिकट बदलकर फिर सकीना बेगम को मिला तो बसपा और सपा के बीच भी अंदरूनी समझौता हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह भी एक संयोग होगा, जिसे राजनीति में सब जायज है कहा जा सकता है।

महबूब हाईकमान को मनाने में जुटे
टिकट कटने के बाद उदास नजर आ रहे कैबिनेट मंत्री महबूब अली लखनऊ में सपा हाईकमान को मनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने वहां अपना पक्ष रखा है। सूत्रों के मुताबिक हाईकमान टिकट बदल भी सकता है।

लगातार महबूब की पत्नी सकीना बेगम को फिर से टिकट होने की खबरें भी कई दिन से तैर रहीं हैं। कोई कह रहा है कि एक जनवरी को नामांकन के दिन तक फैसला पलटा जा सकता है।

हमने सपा हाईकमान तक हमने अपना पक्ष रखा है। हमारे बारे में विचार भी किया गया है। यदि हमें आदेश मिलता है तो चुनाव लड़ेंगे। यदि हाईकमान हमें टिकट नहीं देगा तो हम हाईकमान का जो आदेश होगा उसका पालन करेंगे।
-परवेज अली, जिला पंचायत सदस्य (महबूब अली के पुत्र)

भाजपा चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू के साथ है। पार्टी के सदस्य दलगत राजनीति से दूर हटकर व्यक्तिगत तौर पर उनका साथ देंगे। कैबिनेट मंत्री महबूब अली के खिलाफ खड़े होने वाले को भाजपा का खुला साथ रहेगा।
-गिरीश त्यागी जिलाध्यक्ष भाजपा

सपा हाईकमान ने हम पर भरोसा जताया है। जीतने के लिए हमारे पास पर्याप्त सदस्य मौजूद हैं। यदि किसी भी दल का सदस्य हमें वोट देगा वह उसका व्यक्तिगत फैसला है।
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-चौधरी चंद्रपाल सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री

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