जिलाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय एकता की सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाई गई।
सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को
समर्पित करने और देश की आंतरिक सुरक्षा में अपना योगदान सुनिश्चित करने का
संकल्प भी लिया।
अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी ने कहा कि सरदार पटेल
की दृढ़ इच्छाशक्ति, नेतृत्व, कौशल और साहस की वजह से उन्हे लौह पुरुष और
सरदार जैसे विशेषणों से नवाजा गया। पटेल जी को सच्ची श्रद्धांजलि वही होगी
जब हम देश को मिलजुल कर मजबूत बनाएंगे। उनका व्यक्तित्व यह सिखाता है कि हम
देश को प्राथमिकता दें न की व्यक्तिगत। सीडीओ शिव कुमार मिश्र ने विचार
प्रकट किए।
800 मीटर दौड़ के प्रथम अंकित कुमार, द्वितीय कुशल कुमार एवं
तृतीय पंकित चौधरी प्रतियोगियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर
सम्मानित किया। संचालन डा शाकिर अमरोही ने किया। एसडीएम, डिप्टी कलैक्टर,
समस्त तहसीलदार, क्रीड़ा अधिकारी, नरेंद्र सिंह, बलवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी वेदप्रकाश ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि देश की
स्वतंत्रता आंदोलन में आहुति देने वाले सेनानियों में सरदार बल्लभ भाई पटेल
का नाम सर्वोपरि है। पटेल के अदम्य साहस और दृढ़ निश्चय को देखकर ही गांधी
जी ने सरदार की उपाधि से नवाजा था।
यदि सरदार पटेल न होते तो भारत के अखंड
राष्ट्र का स्वरूप आज हमारे सामने न होता। देश की आजादी के समय छोटे-छोट
राजा, रजवाड़े, रियासतें, नवाब आदि अलग-अलग थे जिन्हे एकता के सूत्र में
पटेल ने पिरोया और अखंड भारत का निर्माण किया।