पांच माह पहले गजरौला में इलाज के दौरान रामपुर के व्यापारी के ऊंट की मौत में गजरौला के पशु चिकित्साधिकारी नप गए हैं। शासन से जांच के आदेश के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
जनपद रामपुर की स्वार कोतवाली क्षेत्र के गांव दूंदावाला निवासी अब्दुल कूददूध 18 मई 2015 को ऊंट लेकर घर से राजस्थान के अजमेर के लिए निकले थे। बीस दिन बाद पांच जून को वह गजरौला पहुंचे, यहां वजह से ऊंट की तबीयत बिगड़ गई।
इस पर अब्दुल अपने ऊंट को गजरौला के पशु चिकित्सालय ले गए। यहां तैनात पशु चिकित्सक डा. सुनील कुमार ने ऊंट का तीन दिन तक इलाज किया लेकिन ऊंट की हालत में सुधार नहीं हुआ। सात जून को ऊंट ने दम तोड़ दिया।
इस मामले में ऊंट स्वामी अब्दुल ने पशु चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। उसने समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां से भी मामले की शिकायत की थी। इससे मामला शासन तक पहुंच गया।
शासन स्तर से जांच के आदेश जारी होने के बाद पांच नवंबर को पशु चिकित्सक डा. सुनील कुमार को निलंबित कर दिया गया, फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच डिप्टी सीवीओ धनौरा डा. विजेंद्र बाल्यान कर रहे हैं।