देर शाम पुलिस ने पीड़ित परिवार के अलावा व्यापारी के पार्टनर से भी क़ुछ
बिंदुओं पर बातचीत की है। प्रथम दृष्टया इस हत्याकांड के तार दूसरे शहर से
जुड़े प्रतीत हो रहे हैं।
बता दें कि ललित अग्रवाल अपने पार्टनर प्रवीन
कुमार निवासी धनौरा के साथ साझे में ज्योति कॉम्पलेक्स से एमसीएक्स का
कारोबार चलाते थे। इस कारोबार में सोना, चांदी, तांबा, मैंथा से लेकर खाद्य
तेलों और पदार्थों की खरीद फरोख्त की जाती है। करोड़ों का टर्नओवर है।
ललित और प्रवीन ने भी अपने इस कारोबार को काफी फैला लिया था।
जनपद अमरोहा
के अलावा पास पड़ोस के जिलों के व्यापारी ललित से इस कारोबार में जुड़े थे।
जानकारी के अनुसार उनका दो-ढाई साल पुराना पैसा बाहरी शहरों के कई
व्यापारियों के यहां फंसा हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं पुरानी रकम
की उगाई के लिए ललित किसी पर दबाव तो नहीं बना रहे थे।
इसके चलते ललित की
हत्या कर दी गई। इस बात की चर्चा भी पूरे शहर में है। अब पुलिस इस बिंदु को
लेकर भी छानबीन कर रही थी।
व्यापारी की अर्थी उठी तो छलछला गई आंखें
एमसीएक्स कारोबारी ललित कुमार अग्रवाल हत्याकांड से हर कोई स्तब्ध है।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। हर किसी
की आंख छलछला उठी।
हर किसी की जुबां पर यही बात थी कि ये क्या हो गया। शहर
ने एक अच्छे व्यापारी को खो दिया। जब घर से अर्थी उठी तो मानो पूरा शहर और
व्यापारी वर्ग पीछे हो लिया। नम आंखों के बीच तिगरी गंगा तट पर अंतिम
संस्कार किया गया।
गुरुवार की रात नौ बजे एमसीएक्स कारोबारी ललित कुमार
अग्रवाल की बाइक सवार हत्यारों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। शुक्रवार
की सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
घर पर नाते रिश्तेदारों, व्यापारियों और मोहल्ले वालों का तांता लग गया।
इकलौते बेटे प्रत्यक्ष का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं बड़ेे भाई विजय
अग्रवाल और भतीजों की आंख से भी आंसू नहीं थम रहे थे। पीड़ित परिवार को
सांत्वना देने के लिए महिलाओं का जमघट लग गया।
तिगरी गंगा तट पर अंतिम
संस्कार के लिए जब अर्थी घर से उठी तो परिजनों की चीख पुकार सुन हर आंख से
आंसू बह गए। व्यापारी ललित अग्रवाल के एक ही इकलौता बेटा प्रत्यक्ष है जो
सेंट मैरी स्कूल में कक्षा सात की पढ़ाई कर रहा है।