वहीं, गजरौला ब्लाक में सपा समर्थित प्रत्याशी और पत्नी ने नामांकन पत्र
भरा है। हसनपुर में दो नामांकन दाखिल किए गए थे। इनमें से एक नामांकन पत्र
खारिज हो जाने से यहां भी निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। सात फरवरी को
डीएम के विजेता प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र दिए जाने के साथ ही निर्विरोध
निर्वाचन पर मुहर लग जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित
कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन हुए।
सभी छह ब्लॉकों में नामांकन के चलते सुरक्षा व्यवस्था चौक चौबंद रही।
अमरोहा ब्लाक में सहायक निर्वाचन अधिकारी मनोज यादव की मौजूदगी में सपा
समर्थित प्रत्याशी मीनू चिकारा ने ही एकमात्र पर्चा दाखिल किया।
वहीं, जोया
ब्लॉक से कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे जुल्फेकार अली ने सपा समर्थित
उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया। यहां भी किसी अन्य ने पर्चा दाखिल
नहीं किया। जुल्फेकार के निर्विरोध निर्वाचन होने पर ब्लॉक प्रमुख पद पर यह
उनकी हैट्रिक होगी।
गजरौला ब्लॉक से सपा समर्थित प्रत्याशी मुमताज अली
उर्फ हाजी भुट्टो और उनकी पत्नी शाहिदा खातून ने नामांकन किया। विरोध में
किसी अन्य प्रत्याशी के नामांकन न होने के कारण पति-पत्नी में से किसी के
नामांकन वापस लेने पर निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। वहीं, धनौरा
ब्लॉक से सपा समर्थित प्रत्याशी मोहम्मद नदीम ने ही नामांकन दाखिल किया।
वहीं, गंगेश्वरी ब्लाक से सपा प्रत्याशी कुंतेश नागर ने पर्चा भरा।
कुंतेश
नागर के अलावा किसी अन्य ने पर्चा दाखिल नहीं किया। कुंतेश नागर का भी
ब्लाक प्रमुख बनना तय हो चुका है। उधर, कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर के गढ़
हसनपुर ब्लाक में भी अब मुकाबला नहीं होगा। सबसे अधिक गहमागहमी का माहौल
यहां पर ही रहा। क्योंकि, यहां सपा प्रत्याशी माया देवी और सुमन देवी ने
नामांकन किया था।
लेकिन, जांच में सुमन देवी का पर्चा खारिज होने पर सपा
प्रत्याशी माया देवी को बड़ी राहत मिली है। सुमन देवी का पर्चा खारिज होने
से माया देवी का निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनना तय हो गया है। जिले की सभी
ब्लाक प्रमुख सीटों पर सपा प्रत्याशियों की जीत पक्की मानी जा रही है।
सिर्फ औपचारिकता पूर्ण होनी बाकी रही है।
शाम तीन बजे के बाद नामांकनों की जांच हुई
सुबह ग्यारह बजे से तीन बजे तक नामांकन हुआ। तीन बजे के बाद नामांकनों की
जांच की गई। जांच में हसनपुर ब्लाक में सुमन देवी के पर्चे में कमियां पाए
जाने पर पर्चा निरस्त कर दिया गया। बाकी सभी ब्लाकों में दाखिल हुए नामांकन
जांच में वैध पाए गए। इससे सपा उम्मीदवारों ने राहत की सांस ली। जिले के
सभी ब्लाक प्रमुख सपा के बनने तय हो चुुके हैं।