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युवक की नृशंस हत्या, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम

Fri, 30 Oct 2015 12:20 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा राजपूत के युवक की गर्दन काटकर लाश चौधरपुर के कब्रिस्तान में फेंक दी। बाद में पहचान छिपाने के लिए लाश को तेजाब से झुलसा दिया गया।
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12वें दिन सड़ी गली हालत में लाश मिलने पर ग्रामीण भड़क गए और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाईवे पर जाम लगा दिया। सीओ सिटी ने किसी तरह चार घंटे बाद जाम खुलवाया और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव चौधरपुर के कब्रिस्तान से गुरुवार सुबह करीब 9 बजे दुर्गंध उठ रही थी। ग्रामीणों ने अंदर जाकर देखा तो एक लाश सड़ी गली हालत में झाड़ियों में पड़ी मिली। सूचना पर पुलिस भी आ गई।
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लाश को देखने के लिए भीड़ भी लग गई, तभी भीड़ में से थाना क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा राजपूत का जोगेंद्र सिंह निकला और कपड़ों से लाश की शिनाख्त अपने छोटे भाई कामेंद्र सिंह (23) पुत्र छत्रपाल के रूप में की। उसने तत्काल कामेंद्र की लाश मिलने की जानकारी परिजनों को दी।

इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने डिडौली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर हाईवे जाम कर दिया। पुलिस के खिलाफ जमकर हाय हाय के नारे लगाए और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। जोगेंद्र ने बताया कि उसका भाई 17 अक्तूबर से लापता था।

उसने कोतवाली में हत्या की आशंका व्यक्त करते एक झोलाछाप के खिलाफ तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया। जाम की सूचना पर मौके पर सीओ सिटी शील कुमार, अमरोहा कोतवाली शैलेंद्र प्रताप गौतम और डिडौली कोतवाली की फोर्स आ गई।

सीओ के समझाने पर चार घंटे बाद ग्रामीण हाईवे से हटे। जोगेंद्र की तहरीर पर मृतक की पत्नी अंकिता और उसके प्रेमी झोलाछाप गंगा सरन निवासी गांव तलवार, थाना असमोली जिला संभल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पत्नी को साथ लेकर बहन के घर गया था कामेंद्र
जोया। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा राजपूत निवासी कामेंद्र 17 अक्तूबर को पत्नी अंकिता को साथ लेकर मुरादाबाद जनपद के थाना पाकबड़ा क्षेत्र के गांव नरेटा में साइकिल से बहन के ससुराल गया था।

शाम को दंपति वहां से घर के लिए निकले, मगर घर नहीं पहुंचे। जबकि अंकिता अगले दिन घर लौटी थी और ससुराल वालों को बताया कि कामेंद्र किसी काम से अमरोहा गया है, शाम तक लौट आएगा। जब कामेंद्र घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। फोन पर संपर्क नहीं हो सका तो तलाश शुरू की।

इधर, 21 अक्तूबर को कोतवाली पहुंचकर जोगेंद्र ने नामजद तहरीर दी और भाई की हत्या की आशंका जताई, लेकिन पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया। बाद में 23 अक्तूबर को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली।

ज्यादा पूछा तो अंकिता ने लगाई आग
जोया। कामेंद्र के घर नहीं पहुंचने पर जब परिजनों ने अंकिता से ज्यादा पूछताछ की तो 21 अक्तूबर को मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली थी, लेकिन आग से सिर्फ उसके हाथ ही झुलसे थे।

अब उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनाें का अंकिता के चाल चलन पर शक है। बताया जाता है कि, झोलाछाप गंगासरन अक्सर उसके घर आता जाता रहता था और अंकिता से बात करने का अंदाज देखकर कामेंद्र की झोलाछाप से कई बार कहासुनी भी हुई थी।

17 अक्तूबर को ही कर दी गई थी हत्या
जोया। कामेंद्र पत्नी अंकिता को साथ लेकर बहन के घर से 17 अक्तूबर की शाम को निकला था। अनुमान लगाया जा रहा है कि, हत्यारे रास्ते में उसे मिले होंगे और उसकी हत्या कर लाश को कब्रिस्तान में फेंक दिया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी लाश 11 से 12 दिन पुरानी बताई जा रही है। हत्या धारदार हथियार से गर्दन काटकर की गई है। शरीर तेजाब से गला हुआ था।
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