आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की महिला सदस्यों ने दीन बचाओ दस्तूर बचाओ कान्फ्रेंस से पहले महिलाओं को उनके हक और किरदार की जानकारी दी।
देश के कई शहरों से पहुंचीं विद्वानों ने कहा कि कौम की तरक्की में महिलाओं का अहम किरदार है। महिलाएं ही परिवार बनातीं हैं, इसलिए महिलाएं अपने किरदार शरीयत के मुताबिक निभाएं। कान्फ्रेंस में मुसलमानों में दहेज के मामले बढ़ने पर चिंता जताई गई और बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया गया।
मंडी धनौरा मार्ग पर एक महाविद्यालय प्रांगण में बुधवार को आल इंडिया मुुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद बोर्ड की ओर से महिला कान्फ्रेंस आयोजित की गई।
कान्फ्रेंस में मुख्य वक्ता के तौर पर बोर्ड की सदस्य हैदराबाद से आईं डॉ.आसमा जहरा ने आह्वान किया कि वह अपने परिवार को शरीयत के मुताबिक चलाएं।
बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि शिक्षित होने से समाज की तरक्की होगी। कोलकाता से आईं नूरजहां शकील ने भी मुस्लिम महिलाओं के अखलाक पर जोर दिया, कहा कि महिलाओं की जिम्मेदारी पुरुषों से कम नहीं है।
वह घर में रहकर एक अच्छा परिवार बनाती हैं, कौम की तरक्की के लिए महिलाओं को कुरान और हदीस के अनुसार बच्चों को शिक्षा देनी चाहिए।
कान्फ्रेंस में लखनऊ से आईं डॉ. सूफिया नसीम और दिल्ली से आईं ममदुहा माजिद ने भी बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। महिला कांफ्रेंस में तहनीयत इथर, जीनत महताब के अलावा कई अन्य महिला विद्वानों ने विचार रखे। महिला कांफ्रेंस करीब ढाई घंटे चली।