मंडी धनौरा के आढ़ती संग हुई लूट का सूत्रधार उनका मुंशी ही निकला। सरगना समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इसका खुलासा किया है। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने 98 हजार 20 रुपये, दो बाइक और तमंचे-कारतूस भी बरामद किए हैं।
गांव भैंड़ाभरतपुर (नौगावां सादात थाना क्षेत्र) के अड्डे पर 15 जनवरी दोपहर करीब तीन बजे बाइक सवार बदमाशों ने आढ़ती संजीव उर्फ सोनू अग्रवाल पुत्र रविंद्र अग्रवाल निवासी गंज बाजार (मंडी धनौरा) की बाइक को मंडी धनौरा रोड पर ओवरटेक कर नगदी और मोबाइल लूट लिया था।
बाइक पर उसका मुंशी संजीव पुत्र बाबूराम निवासी मोहल्ला सुभाषनगर (मंडी धनौरा) भी सवार था। वारदात के खुलासे के लिए स्वाट-सर्विलांस टीम और थाना पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रविवार सुबह करीब छह बजे टीम ने नौगावां-धनौरा रोड पर गांव मिर्जापुर मोड़ के नजदीक दो बाइकों पर सवार पांच बदमाशों को धर दबोचा, जबकि एक बदमाश पुलिस को चकमा देकर भाग गया।
पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने नाम अरविंद उर्फ जोन पुत्र चतर सिंह निवासी गांव सुनपुरा थाना देहात, अमित कुमार पुत्र भोपाल सिंह निवासी गांव शिवपुरी थाना असमोली, गौरव शर्मा उर्फ नीरज पुत्र विजय प्रकाश निवासी गांव सिंहपुरसहानी थाना नखासा जिला सम्भल, दिग्विजय उर्फ सोनू शर्मा पुत्र रामपाल शर्मा निवासी गांव नवादा थाना नौगावां सादात बताए, जबकि भागे साथी का नाम बिट्टू उर्फ शैलेष उर्फ पहलवान पुत्र छुट्टन निवासी मोहल्ला सुभाषनगर थाना धनौरा बताया। आरोपियों ने आढ़ती के मुंशी संजीव के इशारे पर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पुलिस ने मुंशी संजीव को भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बदमाशों के कब्जे से 98 हजार 20 रुपये, दो बाइक, चार तमंचे, सात कारतूस, एक खोखा भी बरामद किया है। एसपी संजीव त्यागी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
लालच में 15 वर्ष की वफादारी को मारी ठोकर
अमरोहा। मंडी धनौरा के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी संजीव पुत्र बाबूराम पंद्रह साल से आढ़ती संजीव अग्रवाल के पास काम कर रहा था। डेढ़ दशक में मुंशी ने कभी भी शिकायत का मौका नहीं दिया।
वह पूरी वफादारी के साथ काम करता था। लेकिन लालच के कारण मुंशी ने लंबे समय की वफादारी को लात मारने तक में संकोच नहीं किया। उसने सोचा, किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।
बिट्टू के उकसाने पर उठाया कदम
अमरोहा। भागा बदमाश बिट्टू उर्फ शैलेष उर्फ पहलवान, मुंशी संजीव के मोहल्ले का रहने वाला है। पकड़े गए बदमाश अक्सर बिट्टू के घर आते जाते रहते थे और जमकर दावत उड़ाते थे।
आढ़ती का मुंशी भी बदमाशों के संपर्क में आ गया और बिट्टू ने मुंशी को उकसाया कि उसे कुछ नहीं करना, बस यह बताना है कि आढ़ती कब मोटा माल लेकर निकलेगा। लूट के बाद हिस्सा उसके घर पहुंच जाएगा।
मुंशी के मोबाइल ने पकड़वाया गैंग
अमरोहा। आढ़ती संजीव अग्रवाल जब मुंशी संजीव को बाइक पर बैठाकर अमरोहा के लिए चला था तो बिट्टू लगातार मुंशी के संपर्क में था। इस दरम्यान दोनों के बीच में कई बार बात भी हुई।
दो दिन पहले ही सभी बदमाश बिट्टूू के घर आकर ठहरे थे। हालांकि पुलिस ने मुंशी से पहले ही दिन कड़ाई से पूछताछ की थी, लेकिन यह जाहिर नहीं होने दिया कि वह लूट कराने के संदेह के दायरे में है।