मुरादाबाद जेल में बंद अमरोहा के बैंडबाजा मास्टर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही लाश घर पहुंची, परिजन भड़क गए। उन्होंने कोतवाली के बाहर लाश रखकर जाम लगा दिया। सूदखोर पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
शहर के मोहल्ला कुरैशी निवासी नाजिर पुत्र शब्बीर बैंड मास्टर था। मोहल्ला जट बाजार में उसकी दुकान थी। बताया जाता है कि 22 जून 2012 में उसे पांच हजार रुपये की जरूरत थी।
इस पर उसने मोहल्ला शाही चबूतरा निवासी मनोज कुमार पुत्र रामौतार सिंह से पांच हजार रुपये ब्याज पर दो महीने की मियाद पर लिए। आरोप है कि नाजिर तीन साल में पैंतालीस हजार रुपये उसे दे चुका था, लेकिन उसका ब्याज खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था।
इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई थी और मनोज कुमार ने नाजिर पर मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाकर 8 मई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट से 14 दिन पहले नाजिर के खिलाफ वारंट जारी कर दिए गए। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
आरोप है कि शनिवार को उसकी जमानत हुई और शाम छह बजे मुरादाबाद कारागार में नाजिर की रिहाई का परवाना पहुंच गया। लेकिन उसे रिहा नहीं किया गया। रात 12 बजे परिजनों को नाजिर की मौत की सूचना मिली।
रविवार शाम जैसे ही शव अमरोहा पहुंचा, लोग भड़क गए। उन्होंने लाश को कोतवाली के सामने रखकर जाम लगा दिया और सूदखोर पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। करीब तीन घंटे तक यहां हंगामे की स्थिति बनी रही।