शनिवार को भोर से ही कोहरा घिरना शुरूहो गया था। दिन निकलते ही पूरा
गजरौला घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। आलम यह था कि हाईवे पर पास के
वाहन तो दिखाई ही नहीं दे रहे थे।
घर के बाहर की सड़क भी नजर नहीं आ रही
थी। घरों से लोग मॉर्निंग वॉक के लिए भी नहीं निकले। स्कूली बच्चे गर्म
कपड़ों से पूरी तरह खुद को ढक कर कंपकंपाते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं जो
बच्चे पैदल स्कूल जाते थे। घना कोहरा होने से उनके अभिभावक बच्चों को स्कूल
छोड़ने पहुंचे।
घना
कोहरा घिरने से दिल्ली-मुरादाबाद नेशनल हाईवे ही नहीं शहर के मुख्य मार्गों
पर भी यातायात भी सुबह दस बजे के बाद तक प्रभावित रहा। आलम ये था कि नजदीक
का वाहन नजर नहीं आ रहा था। जिससे वाहन ही चल सके। एक घंटे का सफर तीन
घंटे में तय हो सका।