मंगलवार को मौसम दिन भर रंग बदलता रहा। सुबह को जहां सूरज तेज धूप के साथ
निकला था, वहीं दोपहर आते ही आसमान में बादल छाने लगे। अपराह्न ढाई-तीन बजे
आकाश में पूरी तरह बादल छा गए। बादलों ने सूरज को ढक लिया। इसके बाद हवाएं
चलनी शुरू हो गईं। जिससे सुबह के मुकाबले मौसम का रूप पूरी तरह बदल गया।
आसमान में बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बूंदा बांदी होने लगी।
थोड़ी देर हुई
बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक पैदा हो गई। कई दिन से मौसम सामान्य होने के
कारण जहां लोग गर्म कपड़ों से परहेज कर रहे थे, बूंदाबांदी होने के कारण
बढ़ी ठंडक से कपड़ों में लिपटे नजर आए। बूंदाबांदी ने ठंडक का अहसास करा
दिया। आसमान में हुई बिजली की गड़गड़ाहट से किसानों को डरा दिया।
क्योंकि
बिजली की गड़गड़ाहट के साथ ओलावृष्टि की आशंका अधिक बढ़ जाती है। ओलावृष्टि
फसलों का दुश्मन है। गत वर्ष ओलावृष्टि ने गेहूं और आलू की फसल को पूरी
तरह तबाह कर दिया था। हालांकि अभी गेहूं की बुवाई ही चल रही है।