अदालत ने चुनावी रंजिश में प्रधान के पति की हत्या में दोषी पाने पर तीन अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर पचास-पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया।
घटना अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव कालीलेट पट्टी की है। एक अगस्त 2006 की रात साढ़े 11 बजे यहां का अमर सिंह घर के आंगन में चारपाई पर सो रहा था जबकि उसके परिजन टीवी बंद करके चारपाई पर लेटे ही थे कि तभी अमर सिंह के चीखने की आवाज सुनाई दी।
उसके बेटे विजय सिंह और पौत्र राहुल ने टार्च की रोशनी डाली तो कुछ लोग उसके घर से निकलकर भाग रहे थे। पीछा किया मगर वे खेतों से भागने में सफल रहे। वापस लौटे तो अमर सिंह की मौत हो चुकी थी, सिर से खून बह रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और अज्ञात में मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी।
पुलिस की जांच पड़ताल के बाद गांव के प्रवेश पुत्र राम सिंह, वीर सिंह पुत्र महीपाल, जितेंद्र उर्फ लाला पुत्र राजवीर और मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव मघू निवासी मूलचंद उर्फ मूला पुत्र हरपाल के नाम सामने आए। हत्या की वजह चुनावी रंजिश निकली। पता चला कि, मृतक की पत्नी चुनाव जीत कर गांव की प्रधान बन गई थी जबकि अभियुक्त प्रवेश के भाई की पत्नी चुनाव हार गई थी।
पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जो कुछ समय बाद जमानत पर जेल से रिहा होकर आ गए। मुकदमे के दौरान मूलचंद की मृत्यु हो गई थी। बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के अपर जनपद न्यायाधीश अखिलेश दुबे ने अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद प्रवेश, वीर सिंह और जितेंद्र पर हत्या का दोष सिद्घ किया। तीनों को उम्रकैद और पचास-पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस कस्टडी में सभी को जेल भेज दिया गया।