भाटी पेट्रोल पंप के पीछे पालिका परिषद् की 771 मीटर भूमि है। जिस पर
वर्षों से शिवस्वरुप भगतजी का कब्जा है। वह इस भूमि पर अपनी पत्नी रेखा के
साथ रह कर जमीन की जुताई करता है। माह जुलाई 2015 में पालिका ने बिना किसी
बोर्ड की बैठक किये ही आसरा योजना को ये भूमि दिये जाने का प्रस्ताव पारित
कर शासन को भेज दिया था। शासन से अनुमति मिलने के बाद बुधवार को पालिका
कर्मी कब्जा हटवाने के लिए मौके पर गए थे।
जो विरोध के चलते लौट आए। मामला
चेयरमैन हरपाल सिंह के संज्ञान पहुंचने पर गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे
पालिका परिसर में बोर्ड की बैठक बुलाई गई। जिसमें सभासदों और पीड़ित दंपति
समेत तमाम स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। सभासदों ने उक्त भूमि को पीड़ित
दंपति के सुपुर्द किये जाने की मांग की। आरोप-प्रत्यारोप के बीच शुरु हुई
बोर्ड की बैठक कुछ ही देर में हंगामें में तब्दील हो गई।
इस दौरान सभासदों
की चेयरमैन और ईओ कामिल पाशा से तीखी नोकझोंक के साथ तनातनी हो गई। बाहें
तक तन गईं। नौबत हाथापाई तक आ गई। अभी कुछ लोग दोनों पक्षों को शांत कराने
की कोशिश कर रहे थे कि ईओ कामिल पाशा ने सभासद संजय कुमार से अभद्रता कर
दी। जिससे सभासद भड़क गया। सभासद ने केरोसिन से भरी केन निकाल ली और खुद को
आग लगाने की कोशिश की तो हड़कंप मच गया।
हालांकि बैठक में मौजूद अन्य
लोगों ने सभासद के इस प्रयास को विफल कर दिया और केरोसिन से भरी केन छीन
ली। हंगामे के बीच साढ़े दस बजे शुरु हुई बोर्ड की बैठक बीस मिनट में ही
सिमट गई।