चेहलुम पर बृहस्पतिवार को ताजिए का पहला जुलूस मोहल्ला दरबारे कलां सुबह
सात बजे बरामद हुआ। जो मोहल्ला छेबड़ा होते हुए कटरा से गुजरते हुए अजाखाना
बगला से सुबह साढ़े दस बजे बरामद हुए मुख्य जुलूस में शामिल हो गया। जबकि
इससे पूर्व दूसरा जुलूस सुबह आठ बजे मोहल्ला दानिशमंदान से निकला जो
टीपीनगर चौराहे से होते हुए लाइन पार स्थित कर्बला पहुंचा।
इधर, अंजुमन
अब्बासिया के सदस्यों ने कटरा बाजार और नौबत खाना में जंजीर और छुरियों से
मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। इस दौरान तयशुदा स्थानों पर सिब्ते
सज्जाद व उनके हमनवां ने छुन्नू लाल दिलगीर का लिखा मर्सिया..कैद से छूट कर
जब सैयदे सज्जाद आए पढ़ा। नौहाख्वानी पर अजादार सीनाजनी करते हुए और या
हुसैन या हुसैन की सदाएं बुलंद करते हुए बिजनौर रोड स्थित कर्बला पहुंचे।
वाक्या करबला बयां कर जुलूस समाप्त हुआ। इससे पूर्व इमामबाड़ा बगला में
इमामे जुमा डा.मौलाना सियादत नकवी ने मजलिस को खिताब किया और नवासाए रसूल
हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला के मैदान में दी गई कुर्बानी
के बारे में बताया। सिब्ते जमाल, खल्लाक हैदर, ताहिर अब्बास, रिजवान हैदर,
समर रजा, इब्ने हैदर, वसीम अब्बास जैदी, अफजाल मुनाजिर, मोहम्मद सलीम,
नवैद असगर, कमाल हैदर, गुलाम सज्जाद, चंदन नकवी, इमदाद हैदर, शाने मुतजबा,
इकबाल हसनैन खां, जाफर रजा, कमर रजा सलीम आदि मौजूद रहे। जुलूस अंजुमन
तहफ्फुजे अजादारी के तत्वाधान में निकला जबकि संचालन अंजुमन रजाकाराने
हुसैनी ने किया।