जोया रोड स्थित कॉटनवेस्ट रूई के एक गोदाम में बृहस्पतिवार सुबह आग लग गई। लोगों की सूचना पर जब तक गोदाम स्वामी और दमकल मौके पर पहुंचे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।
अमरोहा, गजरौला, मुरादाबाद और बिजनौर के दमकल विभाग की नौ गाड़ियां 12 घंटे बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पा सकीं थीं। रुक-रुककर आग धधक रही थी और दमकल मौके पर मौजूद थीं।
आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। फिलहाल आग से करीब एक करोड़ रुपये का माल जलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
शहर के मोहल्ला दानिशमंदान निवासी शाहनवाज मंसूरी पुत्र अब्दुल गफ्फार मंसूरी का जोया रोड पर कॉटनवेस्ट का गोदाम है। यहां कॉटनवेस्ट से तैयार हुई रूई को प्रेशर मशीन से गट्ठर के रूप में पैक किया जाता है।
यहां शहर के कई कॉटनवेस्ट कारोबारियों का माल रखा था। बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे बत्ती गुल होने के बाद चौकीदार गोदाम से चला गया था। इसके कुछ देर बाद ही गोदाम से लोगों ने धुआं उठता देखा।
सूचना पर गोदाम स्वामी और दमकल भी मौके पर आ गई। गोदाम से आग की भीषण लपटें उठ रही थीं। पूरा गोदाम आग की गिरफ्त में आ चुका था। दमकलकर्मियों ने भीषण आग को देखते हुए दो गाड़ियों को और बुला लिया, मगर आग काबू में नहीं आ रही थी।
इस पर अमरोहा समेत गजरौला, मुरादाबाद, बिजनौर के अलावा गजरौला की तेवा और जुबिलेंट फैक्ट्री की एक-एक गाड़ियों को बुलाया गया।
इस तरह दमकल की नौ गाड़ियों ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन 12 घंटे बाद भी पूरी तरह से आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। आग रह रहकर धधक रही थी और दमकल मौके पर डटी रही। आग लगने के कारणों की जानकारी नहीं हो सकी है। आग से एक करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।