क्षेत्र में रहस्यमय बुखार और डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू एक के बाद एक लोगों की जान ले रहा है, जबकि स्वास्थ्य महकमा और प्रशासनिक अफसर उदासीन है। अभी हाल में नगर के खैवान मोहल्ले में पांच लोगों की बुखार से मौत को लोग भुला भी नहीं पाए थे कि अब सोमवार को इसी मोहल्ले की वृद्धा समेत दो लोगों की डेंगू से जान चली गई। इसके अलावा मोहल्ले की एक बच्ची डेंगू से पीड़ित है।
वहीं कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लीपुर खादर की भी डेंगू ने जान ले ली। लगातार हो रही मौत से लोग खौफजदा हैं और परिजनों में कोहराम मचा है। नगर के मोहल्ला खैवान निवासी राममूर्ति (95) पत्नी चेतराम को बारह दिन से बुुखार आ रहा था। इस पर नगर के ही प्राइवेट डाक्टर से उसका उपचार कराया जा रहा था। बताया जाता है कि डाक्टरों ने उसे डेंगू पीड़ित होने की पुष्टि की थी, मगर घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं होने से तंगी के चलते वृद्घा को बाहर उपचार के लिए नहीं ले जाया जा सका।
रविवार दोपहर उसने घर पर दम तोड़ दिया। इधर, मोहल्ले के ही गिरीश की बेटी आंचल (04) को आठ दिन से बुखार आ रहा था। चिकित्सकों ने उसे भी डेंगू पीड़ित बताया था। रविवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया। गिरीश के चचेरे भाई खजान की तेरह वर्षीय बेटी पूजा को भी तेरह दिन से बुखार आ रहा है। डाक्टरों ने पूजा को भी डेंगू होने की बात कही है। उसका निजी चिकित्सकों से उपचार कराया जा रहा है।
उधर, कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लीपुर खादर निवासी अलताफ पुत्र लियाकत(32) को दस दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पहले शहर में ही निजी चिकित्सक के यहां उसका इलाज कराया, लेकिन उसे स्वास्थ्य लाभ नहीं हुआ। इस पर परिजन तीन दिन पहले उसे मेरठ ले गए। वहां पर भी युवक की सेहत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों ने बताया कि मेरठ में जांच के बाद चिकित्सकों ने डेंगू होने की जानकारी दी थी। इससे सहमे परिजन उसे रविवार शाम को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन युवक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
- अल्लीपुर की भी फोटो है