डेंगू और रहस्यमय बुखार से क्षेत्र में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को चकफेरी की युवती ने डेंगू से, जबकि जाटवों वाली मढ़ैय्या की बालिका समेत दो बच्चे बुखार से हारकर जान गंवा बैठे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और क्षेत्र में दहशत है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
गंगेश्वरी क्षेत्र के गांव चकफेरी निवासी पूनम(22) पुत्री गिरिराज को चार दिन से बुखार आ रहा था। निजी चिकित्सक के यहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे डेंगू होने की बात कही। बाद में उसे मेरठ रेफर कर दिया, सोमवार को मेरठ में उपचार के दौरान पूनम ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा गांव पौरारा की जाटवों वाली मढै़य्या निवासी शिवानी(10) पुत्री जितेंद्र कक्षा पांच की छात्रा है। तीन दिन से शिवानी को बुखार आ रहा था।
सोमवार को उसने निजी चिकित्सक के यहां दम तोड़ दिया। इसके अलावा ढबारसी क्षेत्र के गांव पशुआ नंगला निवासी अरूण(09) पुत्र बलधीर सैनी कक्षा तीन का छात्र था। तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। आज उसने हसनपुर के निजी चिकित्सक के यहां उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि अरून दो बहनों का इकलौता भाई है। इसके अलावा क्षेत्र के गांव शब्दलपुर शर्की में नन्हे पुत्र रतन सिंह को भी डाक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की है।