जैन समाज के दशलक्षण पर्व के छठे दिन कोट स्थित जैन मंदिर में उत्तम संयम धर्म पर्व मनाया गया। जिसमें जीवन में संयम बरतने का संदेश दिया गया। शाम को बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सबका मन मोह लिया और माहौल भक्तिमय हो गया।
शहर के मोहल्ला कोट स्थित जैन मंदिर में सुबह सात से नौ बजे तक भगवान पार्श्वनाथ के भजनों के बीच पूजन किया गया। जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भगवान महावीर, आदिनाथ भगवान व अजितनाथ की पूजा कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। जीवन में संयम बरतने का संकल्प लिया। शाम को भजन कीर्तन हुआ।
जिसमें दिगंबर जैन का गुणगान किया गया। पंडित महेंद्र शास्त्री ने उत्तर संयम धर्म पर व्याख्यान करते हुए बताया कि हमें अपने जीवन को संयमित रखना चाहिए। क्योंकि इससे ही जीवन में सफलता मिलती है। देखा जाए, तो संयम एक ऐसा रत्न है, जो हमारे पास होते हुए भी हम उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
जिसमें संयम को धारण कर लिया, उसने अपनी आधी सफलता तो वहीं पा ली। इस अवसर पर रविंद्र जैन, संजीव रतन जैन, राकेश जैन, विनीत जैन, संजय जैन, बीना जैन, निशा जैन, सोमिल, शक्ति, मनोज जैन, सरिता, विनय, दुजेंद्र जैन अंजलि आदि रहे।
धूमधाम से मनाया सुगंध दशमी पर्व
जैन मंदिर में दोपहर को सुगंध दशमी पर्व मनाया गया। जिसमें महिलाओं और पुरुषों ने प्रभु का स्मरण किया और पूजा अर्चन कर आशीर्वाद मांगा।