पतेई खालसा में मंगलवार को मतदान के दौरान करीब ढाई बजे डीएम और एसपी का
काफिला पहुंचा। मतदान केंद्र गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर है। दुकानें
खुली हुई थीं, लोग पर्चियां लेकर वोट डालने जा रहे थे। इसी बीच अधिकारियों
ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज करा दिया और दुकानों को जबरन बंद करा
दिया।
इससे भगदड़ मच गई। ग्रामीणों का आरोप है पिटाई का विरोध करने पर
पुलिस कर्मियों ने घरों में घुसकर भी ग्रामीणों पर लाठियां भांजीं। इसमें
कई बच्चे और बुजुर्ग समेत करीब 20 लोग घायल हो गए। घायलों में साठ साल के
मुबारक अली पुलिस की पिटाई से घायल अवस्था में घर में पड़े हैं। वहीं
मुनाजिर, मस्जिद के इमाम शौकीन, कलुवा, दस साल के बच्चे साजिद हुसैन समेत
कई बच्चों के पैरों में और पीठ में पुलिस की लाठियों के निशान साफ दिख रहे
हैं।
ग्रामीणों ने एसपी-डीएम की ओर से
कराए गए लाठीचार्ज के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि
एक प्रत्याशी को जिताने के लिए अधिकारियों ने लाठीचार्ज कराया है। आरोप है
कि तमाम लोगों की पर्चियां फाड़कर फेंक दीं और उन्हें वोट डालने नहीं जाने
दिया।