नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव गुलड़िया निवासी छिद्दा (45) पुत्र
गुलशेर को शराब पीने की आदत थी। रोजाना शराब पीने से उसकी सेहत खराब हो गई
थी। बावजूद इसके छिद्दा ने शराब पीना बंद नहीं किया। चुनाव के दौरान भी
उसने प्रत्याशियों की जमकर शराब पी। लेकिन पांच दिसंबर को पी गई शराब उसके
लिए आखिरी साबित हुई। उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया। परिजनों ने डाक्टर को भी
दिखाया, लेकिन सेहत में सुधार नहीं हो सका। रविवार की रात किसी समय छिद्दा
ने दम तोड़ दिया। ग्रामीण की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार की
दोपहर परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव को सुपुर्देखाक कर दिया।
परिजनों का रो रोकर बुराहाल था। एसओ अशोक सोलंकी ने बताया कि मामला संज्ञान
में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कराई जाएगी।
जिले में अकेले
छिद्दा ही नहीं प्रत्याशियों की शराब अब तक दस से अधिक लोगों की जान ले
चुकी है। लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग लगातार शराब पीने से मौतें होने के
बात को नकार रहा है। जबकि, हकीकत यह है कि प्रत्याशी गांवों में शराब परोस
रहे हैं और अधिक पीने से मौतें भी हो रही हैं। यदि किसी भी मामले में
पोस्टमार्टम करा लिया जाता तो स्थिति स्पष्ट हो सकती थी। लेकिन, यह जानकर
कि पोस्टमार्टम होने पर पुलिस और प्रशासन की ही फजीहत होगी, ऐसा नहीं किया
गया।