जटीवन में में फांसी के फंदे पर लटकी मिली जीरखी गांव के अंकुर चौहान की लाश के मामले की गुत्थी सुलझती नजर नहीं आ रही है। जिस मोबाइल से मैसेज भेजा गया है, उसका पुलिस पता नहीं लगा सकी है। जबकि पीएम रिपोर्ट में मैसेज मिलने और मौत होने में आधा घंटा का फर्क आया था। पुलिस इस प्रकरण को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव जीरखी निवासी अंकुर चौहान (20) पुत्र सत्यवीर चौहान की लाश जटीवन में करीब पांच सौ मीटर अंदर एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी की गांठ काफी मजबूती से बांधी गई थी, जिसका बिना सहारे पेड़ की डाल पर बैठकर बांधना मुश्किल था।
वहीं युवक मुरादाबाद की जिस विजय इलेक्ट्रानिक कंपनी में काम करता था, उस पर उसका माल चोरी करने का आरोप था। ठेकेदार और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। फांसी लगाने से करीब सप्ताहभर पहले अंकुर घर से गायब हो गया था। इस दरम्यान मुरादाबाद पुलिस ने भी दबिश दी थी।
सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे अंकुर ने पिता से मोबाइल पर बात की थी। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे पिता के मोबाइल पर मैसेज आया कि मेरी लाश जटीवन में पेड़ पर लटकी है, उतार कर ले जाओ। मैसेज भेजने का नंबर मृतक अंकुर का ही था, लेकिन मृतक के पास मोबाइल नहीं मिल सका।
मोबाइल कहां गया, इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। पीएम रिपोर्ट के समय पर गौर किया जाए तो मैसेज भेजने और मौत होने में आधा घंटा का फर्क भी आया है। अंकुर के पास मिले सुसाइड नोट में काली नाम के व्यक्ति पर भी कंपनी का माल चोरी कर बेचने की बात लिखी गई है।
-सुसाइड नोट से मृतक की हैंड राइटिंग मिल गई है, फिर भी सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। रही बात मोबाइल की, तो शायद मृतक ने फांसी लगाते वक्त उसे फेंक दिया होगा। अशोक सोलंकी एसओ नौगावां सादात