थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदाबाद से ब्रजघाट जाने की कहकर निकले युवक की अगले दिन श्रीमहंत ऋषि आश्रम में गड्ढे में लाश दबी मिली। युवक की तलाश कर रहे परिजनों ने आश्रम में शव मिलने पर जमकर हंगामा किया।
इस दौरान परिजनों की आश्रम स्वामी और उसके परिवार के सदस्यों से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पहुंची पुलिस ने आश्रम से युवक की हत्या में प्रयुक्त रस्सी का टुकड़ा और युवक के जले हुए कपड़े बरामद कर आश्रम स्वामी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आश्रम में ताला डाल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं प्रेम प्रसंग का मामला मानकर छानबीन शुरू कर दी है।
गांव मोहम्मदाबाद निवासी मदन सिंह उर्फ ठेकेदार किसान है। उसने बताया कि, उसका बेटा देवेंद्र सिंह उर्फ दीपक (24) सोमवार की शाम सात बजे किसी कार्य से घर से बाहर गया था। उसी समय देवेंद्र की मोबाइल पर किसी से बात हुई थी।
इसके बाद देवेंद्र अपनी मां से ब्रजघाट जाने की बात कह कर बाइक लेकर चला गया। देर रात साढ़े 11 बजे तब जब वह घर नहीं लौटा तो उसने बेटे को कॉल की। बेटे देवेंद्र ने जल्दी ही घर आने की बात कह कर फोन काट दिया। इसके बाद भी उसके नहीं लौटने पर रात साढ़े 12 बजे उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, मगर देवेंद्र का मोबाइल बंद था।
इसके बाद मदन सिंह ने देवेंद्र के दोस्त पुनीत निवासी ब्रजघाट से मोबाइल पर बात की तो पता चला कि देवेंद्र, पुनीत ने रात नौ बजे ब्रजघाट में साथ खाना खाया था। इसके बाद वह घर जाने की कहकर चला गया। परिजन रात भर उसकी तलाश करते रहे, मगर कुछ पता नहीं चला।
मंगलवार सुबह पुनीत ने ब्रजघाट में विनोद गिरी की दुकान के सामने स्थित फव्वारा के पास देवेंद्र की बाइक देखी तो परिजनों को सूचना दी। इस पर वहां पहुंचे परिजन उसकी तलाश करते हुए ब्रजघाट स्थित श्री महंत ऋषि आश्रम पहुंच गए। यहां परिजनों ने आश्रम के एक कोने की जमीन पर ताजी मिट्टी देखी तो पुलिस बुला ली।
पुलिस की मौजूदगी में खुदाई कराई गई तो गड्ढे में देवेंद्र की अर्द्धनग्न लाश दबी मिली। गले पर रस्सी के निशान मिले। पुलिस को आश्रम की छत से गुलाबी रंग की रस्सी का वह टुकड़ा भी मिला जिससे देवेंद्र का गला दबाया गया। पुलिस ने जले हुए कपड़े भी बरामद किए हैं।
प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि आश्रम स्वामी सेवानंद और उसके भाई रामस्वरूप, पत्नी भागवती व बेटे गौरव को गिरफ्तार कर आश्रम में ताला डाल दिया गया है। पूछताछ की जा रही है। पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
प्रेम प्रसंग में तो नहीं हुई हत्या
गजरौला। देवेंद्र पढ़ाई के साथ खेती किसानी में पिता का हाथ बंटाता था, ब्रजघाट में धर्मशाला की मरम्मत आदि का भी कार्य करता था। उसने रमाबाई डिग्री कॉलेज गजरौला से बीए किया था। मृतक के ममेरे भाई चमन पुत्र जबर सिंह निवासी ब्रजघाट ने पुलिस को बताया कि वह देवेंद्र के साथ धर्मशाला और आश्रम में मरम्मत का काम करता था।
ऋषि आश्रम में रह रही एक युवती अक्सर देवेंद्र को कॉल कर बुलाती थी। 18 जनवरी की रात को उसने देवेंद्र के मोबाइल पर कॉल करके आश्रम बुलाया था। सोमवार रात भी देवेंद्र को युवती ने कॉल किया था। बाद में देवेंद्र ने उसे कॉल करके घर पर आने की बात कही थी और फव्वारा के निकट स्थित उसके कमरे के पास ही बाइक खड़ी करके आश्रम गया था।
कुछ देर बाद आश्रम के पास से चोर-चोर का शोर उठा। जिससे आश्रम पर भीड़ भी लग गई थी। लेकिन वहां कोई चोर नहीं पकड़ा गया। चोर के शोर मचने की आशंका पर ही परिजनों के कहने पर पुलिस ने आश्रम में खुदाई की थी।
शव को जल्दी गलाने के लिए उतारे गए थे देवेंद्र के कपड़े
गजरौला। देवेंद्र की प्लास्टिक की रस्सी से गला दबा कर हत्या करने के बाद हत्यारों ने सारे कपड़े उतार दिए थे। उसके शरीर पर सिर्फ नेकर ही मिला है। पुलिस का कहना है कि, शुरुआती जांच में आश्रम स्वामी और उसके बेटे के हत्या में शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि, शव को जल्दी गलाने के लिए कपड़े उतारे गए थे।
मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
गजरौला। देवेंद्र की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है। मां क्रांति देवी का रो-रोकर बुराहाल है तो पत्नी आनंदी सुधबुध खो बैठी है। देवेंद्र के दो मासूम बेटे चार साल के आरुष प्रताप सिंह और दो साल का मनमोहन भी है। युवक की मौत से मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया।
ब्लॉक प्रमुख ने शांत किया
गजरौला। आश्रम में देवेंद्र का शव मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों की आश्रम स्वामी और उसके परिवार से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस के सामने ही खींचतान हुई। खासा हंगामा खड़ा हो गया। इसी दौरान नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख मुमताज अली उर्फ हाजी भुट्टो मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिलाते हुए शांत किया।