बताते हैं कि अमरोहा में बने 315 बोर के तमंचे की शोहरत फैक्ट्रीमेड की तरह है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अवैध हथियार बनाने वाले कारीगर मौजूद हैं, जो तमंचे (देसी कट्टे) को ऐसा लुक दे दें जो फैक्ट्री में बने हथियार को भी मात दे दे। इससे जिले में सख्त लोहे की नाल और विशेष प्रकार की धातु मिक्स लोहे से तैयार किए जाने वाले देसी कट्टे आठ हजार तक में मिल जाते हैं। देसी रायफल और 315 बोर का तमंचा भी दस हजार तक में आसानी से मिल जाता है।
अवैध हथियार बनाए जाने के लिए अमरोहा के डिडौली, आदमपुर, सैदनगली, हसनपुर, गजरौला, मंडी धनौरा, नौगावां सादात और अमरोहा देहात के अलावा रजबपुर थाना क्षेत्र के इलाके अक्सर चर्चा में रहते हैं। पिछले दिनों पुलिस ने गजरौला के इंडस्ट्रियल एरिया में बंद फैक्ट्री में भी अवैध हथियार बनाते कुछ लोगों को पकड़ा था। पुलिस अफसरों का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाकर ऐसे लोगों को पकड़ा जा रहा है। इस धंधे को बंद करा दिया जाएगा।