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अमेरिका में फंसा अमरोहा के अभिषेक का शव

Wed, 28 Oct 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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टीसीएस में मैनेजर पद पर तैनात गजरौला के अफजलपुर लूट गांव निवासी अभिषेक ग्रेवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शव भारत लाने की कोशिश पर कागजी खानापूर्ति भारी पड़ रही है।
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आठ दिन हो चुके हैं, लेकिन शव अमेरिका में ही फंसा हुआ है और यहां शोकाकुल परिजन व्याकुल हैं। लगातार भारतीय दूतावास, टीसीएस कंपनी, अमेरिका की पुलिस और इंश्योरेंस कंपनी के अफसरों से बात हो रही है, परंतु अभिषेक का शव भारत लाने के अभी तक कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

गजरौला ब्लाक के गांव अफजलपुर लूट निवासी नेहरू इंटर कालेज रजबपुर में तैनात शिक्षक जयप्रकाश सिंह ग्रेवाल के छोटे बेटे अभिषेक ग्रेवाल मल्टीनेशनल कंपनी टीसीएस में मई 2011 से मैनेजर थे।
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अभिषेक पहले सेंटफ्रांसिसगो (कैलीफोर्निया) में तैनात थे, एक वर्ष पूर्व ही उन्हें शिकागो (अमेरिका) में किसी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी गई।

व्यस्तता की वजह से अभिषेक फरवरी 2013 में साले की शादी के बाद से भारत अपने घर नहीं आए थे। हालांकि परिवार के फोन पर लगातार संपर्क में थे, पत्नी रेनू, दो साल की बेटी अराध्या और माता-पिता से लगभग हर रोज बात हो जाती थी, लेकिन 21 अक्तूबर की रात उनकी लाश कमरे में मिली।

इसके बाद कोई बात नहीं हुई। 22 अक्तूबर की रात पत्नी के फोन पर आई अभिषेक की मौत की खबर ने हंसी-खुशी रह रहे परिवार में कोहराम मचा दिया।  अभिषेक की मौत से पूरा परिवार व्याकुल है, लेकिन शव को भारत लाने की कोशिश पर अमेरिका पुलिस की कागजी खानापूर्ति ने परिजनों के होश उड़ा दिए हैं।

दरअसल, अभिषेक का पासपोर्ट और वीजा उसी कमरे में बंद है जिसमें शव मिला था। कमरे को पुलिस ने सील कर दिया है। पहले कमरे से पासपोर्ट वीजा निकलेगा, जिसे भारतीय दूतावास के सुपुर्द किया जाएगा, फिर उसे भारत सरकार रद करेगी। इसके बाद पुलिस शव सुपुर्द करेगी।

इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी की कागजी कार्रवाई होगी, इसके बाद ही शव लाया जा सकेगा। लेकिन मंगलवार तक तो कमरे से सील टूटकर पासपोर्ट वीजा ही नहीं निकल सके हैं। इसके अलावा एक पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन अफसर नियुक्त किया गया है। वह कल बुधवार को अपनी मौजूदगी में सील तोड़कर वीजा पासपोर्ट निकलवाएगा। इसके बाद अन्य कागजी खानापूर्ति होगी, जिसमें तीन-चार दिन और लगेंगे।
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