मासूमों के शरीर पर पिटाई के बाद उभरे नीले धब्बे प्रधानाध्यापक और रसोइया की क्रूरता बयान कर रहे थे। दहशत के कारण दोनों बच्चे स्कूल भी नहीं गए और दर्द के कारण सारा दिन सुबकते रहे। बच्चों की हालत देखकर मजदूर मां-बाप की आंखों में भी आंसू छलक आए। गांव में अधिकारियों के पहुंचने पर उनका दर्द छलक आया।
कोई शिक्षक अपने ही विद्यार्थियों की इतनी बेरहमी से पिटाई कर सकता है, इस बात ने लक्ष्मणवाली मढै़या के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। इधर, कक्षा दो की मासूम छात्रा उर्मिला पुत्री राजकुमार और छात्र नितिन पुत्र मुनेश के शरीर पर पड़े नीले धब्बे क्ररता की कहानी बयान कर रहे हैं।
दोनों बच्चों के कमर, हाथ और पैर इस बात की गवाही दे रहे थे कि प्रधानाध्यापक और रसोइया की ओर से की गई बच्चों की पिटाई में बेरहमों का दिल नहीं पसीजा। दोनों बच्चों के शरीर पर पिटाई के निशान साफ दिखाई दे रहे थे।
दूसरे दिन यह निशान लाल से नीचे तक पड़ गए। उर्मिला और नितिन की मां शांति व विमला ने अपने बच्चों के बदन की रातभर गर्म कपड़े से सिंकाई की। दर्द के कारण बच्चे रात और दिनभर सुबकते रहे। मंगलवार को जब दिन निकला तो सहमे दोनों बच्चों ने स्कूल जाने से मना कर दिया।
लेकिन दस बजे के बाद गांव में अधिकारियों की आवाजाही शुरू हुई, तो ग्रामीणों को कुछ उम्मीद नजर आई। एसपी और खंड शिक्षा अधिकारी ने जब बच्चों से पूछताछ की, तो पिटाई का जिक्र करते वक्त उनका गला रूंध गया। बच्चों की हालत देखकर मां-बाप और भाई-बहन भी रो पड़े।
पिटाई होगी, तो कैसे पढ़ेंगे बच्चे
अमरोहा। बच्चों की पिटाई को लेकर जब जेएस हिंदू डिग्री कालेज के मनोविज्ञान विषय के एसोसिएट प्रोफेसर डा.एसके सिंह से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि बच्चे बड़े मासूम होते हैं। बचपन उनके जीवन की बुनियाद है।
यदि शिक्षक बच्चों को पढ़ाते वक्त पिटाई का सहारा लेंगे, तो कोमल मन वाले बच्चे पढ़ाई से दूर भाग जाएंगे और जिंदगी में कभी भी पढ़ाई की तरफ नहीं लौट सकते। पढ़ाते वक्त पिटाई का सहारा लेने वाले शिक्षक भी कहीं न कहीं मानसिक रूप से कमजोर हैं या फिर तनाव की स्थिति में होते हैं।
शासन स्तर से लिया गया पिटाई का संज्ञान
अमरोहा। जोया ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अमरोहा देहात में सोमवार को कक्षा दो के बच्चों की पिटाई मामले में सीधे शासन स्तर से संज्ञान लिया गया। डीएम और एसपी के पास फोन आते ही खलबली मच गई। एसपी और बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल पहुंचकर बयान दर्ज किए।
बच्चों की पिटाई से ग्रामीणों में उबाल
अमरोहा। प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पिटाई के बाद लक्ष्मणवाली मढै़या के ग्रामीणों में गुस्सा देखा गया। स्कूल में भी ग्रामीणों का हुजूम लगा रहा। उन्होंने स्कूल पहुंचे अधिकारियों से प्रधानाध्यापक और रसोइया के खिलाफकार्रवाई की मांग की। इसके अलावा भी ग्रामीणों ने प्रधानाध्याक और रसोइया के व्यवहार को लेकर शिकायत की।
सिपाहियों के खिलाफ क्यों नहीं की कार्रवाई
अमरोहा। प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पिटाई की सूचना के बाद अभिभावक और ग्रामीण सोमवार शाम जब स्कूल पहुंचे, तो प्रधानाध्यापक भोजराज ने साढ़े चार हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया।
बच्चों का पक्ष लेने पर प्रधानाध्यापक ने पुलिस बुला ली। जो सिपाही स्कूल पहुंचे थे उन्होंने भी बच्चों को प्रताड़ित किया था, लेकिन अभिभावकों और ग्रामीणों को डांट फटकारकर भगाने का प्रयास किया था।
एसपी संजीव त्यागी जब गांव पहुंचे थे, तो सिपाहियों के गलत व्यवहार की शिकायत भी की गई, लेकिन एसपी ने सिपाहियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।
प्रधानाध्यापक और रसोइया के खिलाफ तहरीर दी
अमरोहा। अभिभावकों ने थाने पहुंचकर प्रधानाध्यापक भोजराज और रसोइया सरोज के खिलाफ बच्चों को बेरहमी से पीटने के मामले में तहरीर दे दी है। एसओ देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।