जिला जज सुशीला सिंह ने आठ वर्ष पुराने दहेज हत्या के एक मामले में पति समेत पांच लोगों को दस-दस वर्ष की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव धनौरी मीर निवासी धर्मवीर पुत्र बांके सिंह ने 17 अप्रैल 2008 में अपनी बेटी मिथलेश (21) की शादी देहात थाना क्षेत्र के गांव शाहिदपुर निवासी धर्मेंद्र पुत्र रमेश सिंह से की थी।
आरोप है कि ससुराल के लोग दहेज में दिए गए दान से नाखुश थे और पचास हजार रुपये, शहर में एक प्लाट दिलाने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने मिथलेश की पिटाई की और मायके में छोड़ दिया।
कुछ दिन बाद धर्मवीर ने बेटी को समझा बुझाकर ससुराल छोड़ दिया। 23 अक्तूबर को मिथलेश ने पिता को फोन करके प्रताड़ित करने की बात कही थी, लेकिन पिता ने उसे फिर समझा दिया था। उसी रात ससुरालवालों ने विवाहिता को जलाकर मार डाला और फरार हो गए।
सुबह के समय पुलिस ने धर्मवीर को बेटी की मौत की सूचना दी। धर्मवीर ने पति धर्मेंद्र, ससुर रमेश सिंह, सास कृष्णा देवी, जेठ व देवर सोमपाल व सोविंद्र के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। धर्मेंद्र को छोड़कर बाकी जमानत पर जेल से रिहा हो गए। बृहस्पतिवार को जिला जज सुशीला सिंह ने ससुरालवालों पर दोष सिद्ध किया और सभी को दस-दस वर्ष की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।