फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राइमरी-जूनियर पास प्रधानों की संख्या अधिक

Mon, 14 Dec 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों में इस बार निरक्षर नहीं साक्षर प्रधानों की संख्या अधिक रहेगी। मतदाताओं ने इस बार ज्यादातर पढ़े लिखे लोगों को प्रधान के योग्य समझा और वोट देकर जिताया। लेकिन पढ़े लिखे प्रधानों में भी प्राइमरी और जूनियर पास की संख्या ज्यादा है। कुछ प्रधान स्नातक और परास्नातक भी हैं।
विज्ञापन


मतदाता अब काफी जागरूक हो गए हैं। वह मतदान भी सोच समझकर करते हैं। इस पंचायत के चुनाव में जनता ने जो फैसला किया उसके नतीजे सामने आ गए।

जिले के छहों ब्लाकों में परिणाम आने के बाद यह तो तय हो गया है कि जीते हुए ग्राम प्रधानों में साक्षरों की संख्या अधिक है। निरक्षता का ग्राफ घटा है।

लेकिन पढ़े लिखे प्रधानों में अधिकांश प्राइमरी से जूनियर तक की संख्या अधिक है। हाईस्कूल और इंटर भी हैं। स्नातक और परास्नातक प्रधान भी चुने गए हैं, लेकिन इनकी संख्या कम है। वेबसाइट पर लोड किए गए परिणामों की स्थिति पर नजर डालने के बाद शैक्षिक योग्यता का आंकलन स्पष्ट हो रहा है।

एमए बीएड हर्षवर्धन चुने गए प्रधान
जोया ब्लाक के गांव निजाम नगला के गांव मकनपुर निवासी हर्षवर्धन सिंह एमए बीएड कर चुके हैं। एक निजी स्कूल में अध्यापक हैं। चुनाव में जनता ने उन्हें पसंद किया। हर्ष बर्धन प्रधान बन गए हैं। हर्षवर्धन का कहना है कि वह दोनों ही जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे।
विज्ञापन


ज्यादातर युवाओं को मिली जीत
जिले में अधिकांश प्रधानों में युवा चेहरे सामने आए हैं। कई स्थानों पर युवा चेहरे प्रधान चुन लिए गए। अमरोहा ब्लाक के भेंड़ा भरतपुर से सुभाष सिंह और गालिबबाड़ा से चुने गए अनुज चौधरी 22 साल की उम्र में प्रधान चुन लिए गए हैं। इसी तरह पूरे जिले में 30 से 45 वर्ष के बीच चुने गए प्रधानों की संख्या अधिक है।

महिलाओं ने भी मारी बाजी
जिले में इस बार महिला प्रधानों की संख्या भी कहीं अधिक रहेगी। महिलाओं के लिए आरक्षित की गई सीटों के अलावा भी जिले के कई गांवों से महिलाओं के पास प्रधानी पहुंच गई है। कुल मिलाकर महिलाओं में भी युवा महिलाओं की संख्या अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें